India Pakistan Trade: पाकिस्तान के हुक्मरानों की फितरत ही कुछ अजीब है. वो क्या सोचते हैं, क्या बोलते हैं और क्या करते हैं, दुनिया क्या उनकी अवाम भी इसपर भरोसा नहीं करती है. ताजा मामला पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार के 23 मार्च को दिए उस बयान है से जिस पर पाक विदेश मंत्रालय को खंडन करना पड़ा और सफाई देनी पड़ी है. पाक विदेश मंत्रालय ने अपने ही विदेश मंत्री डार के बयान उस को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने भारत से ट्रेड शुरू करने की बात कही थी. पाक विदेश मंत्रालाय के अधिकारियों का कहना है कि भारत के साथ व्यापार संबंध फिर बहाल करने का फिलहाल न तो कोई विचार है और न ही कोई प्रस्ताव दिया गया है.
पिछले दिनों ब्रुसेल्स में परमाणु ऊर्जा शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने लंदन पहुंचे विदेश मंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था पाकिस्तान भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को फिर से बहाल करने के लिए गंभीरता से विचार कर रहा है. आर्थिक संकट से जूझ रहे पाक के विदेश मंत्री ने भारत के साथ फिर से व्यापार शुरू करने की इच्छा जताते को कहा था कि पाकिस्तान के कारोबारी भारत के साथ फिर से ट्रेड की बहाली चाहते हैं. उनके इस बयान को भारत के प्रति पाकिस्तान के रुख में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा था.
आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगस्त 2019 से व्यापार बंद है. दरअसल भारत सरकार ने 5 अगस्त 2019 जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था. इससे पाकिस्तान को मिर्ची लग गई थी और उसने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम करने के साथ-साथ व्यापार पर रोक लगा दिया था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री की भारत से संबंध सुधारने की इच्छा और इसके विदेश मंत्रालय का इनकार साफ बताता है कि मंत्री और मंत्रालय के बीच कोई तारतम्य नहीं है. पाक विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच अपने ही विदेश मंत्री डार के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल भारत संबंधों की बहाली के पाकिस्तान कोई राजनयिक प्रस्ताव तैयार नहीं कर है. क्योंकि पाकिस्तान कश्मीर पर भारत के रुख का कभी समर्थन नहीं कर सकता.
पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की पूरी जिम्मेदारी भारत पर है. किसी भी तरह की बातचीत या फिर संबंधों को सुधारने के लिए भारत को जम्मू-कश्मीर में फिर से धारा 370 को बहाल करना होगा.