प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर जोर दिया और राज्यों से निवेश व रोजगार सृजन के लिए नीतिगत बाधाएं हटाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “हमें विकास की गति बढ़ानी होगी. यदि केंद्र और सभी राज्य एक साथ ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करें, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं.” उन्होंने आगे कहा, “विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है. जब हर राज्य विकसित होगा, तभी भारत विकसित होगा. यह 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षा है.”
ऑपरेशन सिंदूर को समर्थन
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को नष्ट करने वाले ऑपरेशन सिंदूर का एकमत से समर्थन किया. नीति आयोग के बयान के अनुसार, “प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को एकमुश्त पहल नहीं माना जाना चाहिए. हमें नागरिक सुरक्षा के लिए आधुनिक दृष्टिकोण अपनाना होगा. हाल के मॉक ड्रिल्स ने नागरिक रक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है, राज्यों को इसे संस्थागत करना चाहिए.” बयान में आगे कहा गया, “मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने ऑपरेशन सिंदूर की सटीकता और लक्षित हमलों की प्रशंसा की. एक स्वर में उन्होंने पीएम के नेतृत्व और सशस्त्र बलों के शौर्य की सराहना की.”
Prime Minister, Shri Narendra Modi chairs the 10th Governing Council Meeting of NITI Aayog at Bharat Mandapam in New Delhi today on the theme, Viksit Rajya for Viksit Bharat@2047.
The meeting provides a platform for the Centre and States/UTs to deliberate on measures to advance… pic.twitter.com/5uZ2ecZxar— NITI Aayog (@NITIAayog) May 24, 2025Also Read
विपक्ष की मांगें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 24,269 करोड़ रुपये की हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-II परियोजना और हैदराबाद-बेंगलुरु रक्षा निर्माण कॉरिडोर को मान्यता देने की मांग की. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा, “यदि केंद्र समय पर बकाया राशि जारी कर दे, तो हिमाचल स्वयं आत्मनिर्भर बन जाएगा.” झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खनन के बाद जमीन वापसी के लिए कोल बेयरिंग एक्ट में प्रावधान और 1.40 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि की मांग की. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2,200 करोड़ रुपये और केंद्रीय करों में 50% हिस्सेदारी की मांग की.
इन राज्यों ने नहीं लिया बैठक में हिस्सा
सुब्रह्मण्यम ने बताया कि 36 में से 31 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों ने बैठक में हिस्सा लिया. कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, बिहार और पुडुचेरी अनुपस्थित रहे.