लोकसभा में मंगलवार को हुए विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार के 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन महादेव' को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बहस के दौरान न सिर्फ हालिया आतंकी मुठभेड़ की जानकारी साझा की, बल्कि विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर तीखा हमला भी बोला. शाह ने पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने इनका खात्मा ऑपरेशन महादेव के तहत किया है.
गृह मंत्री ने बताया कि सुरक्षाबलों द्वारा एक महीने से ज्यादा वक्त तक आतंकियों की रेकी की गई. फिर सेंसर्स के जरिए 22 जुलाई को उनके मौजूद होने की पुख्ता सूचना मिली. इसके बाद शुरू हुए ऑपरेशन में तीन आतंकी सुलेमान, अफजान और जिबरान को ढेर कर दिया गया. शाह ने कहा कि एनकाउंटर स्थल से मिली रायफलों और कारतूसों की एफएसएल रिपोर्ट ने इनकी पहचान की पुष्टि की, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जो पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे और जिन्होंने इनकी पहचान कराई.
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकियों को भेजने वाले आकाओं को खत्म करने का काम किया, वहीं सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' से आतंकियों का सफाया किया. इसी दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने बीच में टोकते हुए कहा, “आका तो पाकिस्तान है”, जिस पर अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा, “क्या आपकी पाकिस्तान से बात होती है?” इस तल्ख जवाब के बाद सदन में हंगामा मच गया और समाजवादी पार्टी के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए. हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने स्थिति को संभालते हुए गृह मंत्री से अपना बयान पूरा करने को कहा.
शाह ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, “मैं उम्मीद कर रहा था कि आतंकियों के मारे जाने पर सदन में खुशी की लहर दौड़ेगी, लेकिन विपक्षी चेहरों पर मायूसी नजर आई. आतंकियों के खात्मे पर भी इन्हें संतोष नहीं.” उन्होंने अखिलेश यादव की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए.”
गृह मंत्री ने आगे बताया कि छह वैज्ञानिकों की टीम ने पुष्टि की है कि बरामद कारतूस वही हैं जो पहलगाम में हमले के दौरान इस्तेमाल हुए थे. शाह ने यह भी बताया कि हमले के बाद वह खुद पहलगाम गए थे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी. उन्होंने एक नवविवाहिता के दर्द का जिक्र करते हुए कहा कि शादी के छह दिन बाद विधवा हो चुकी लड़की की पीड़ा आज भी उनके मन में है.
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा, “हमसे बार-बार पूछा जाता है कि आतंकी कहां से आए, कैसे भागे, तो मैं कहता हूं कि हम सरकार में हैं, जवाबदेही हमारी है. लेकिन जब आप सरकार में थे तो आपने क्या किया?” इसके बाद उन्होंने दाऊद इब्राहिम, सैयद सलाउद्दीन और टाइगर मेनन जैसे आतंकियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सब कांग्रेस के समय देश छोड़कर भागे. अंत में शाह ने कहा, “हमने सिर्फ हमलावरों को नहीं मारा, बल्कि उन्हें भेजने वालों को भी मिट्टी में मिला दिया है. ऐसा सबक सिखाया है कि अब कोई ऐसी हिमाकत करने की हिम्मत नहीं करेगा.”
अखिलेश यादव के टोकने पर शाह ने तीखा जवाब देते हुए कहा, "क्या आपकी पाकिस्तान से बात होती है?" शाह ने विपक्ष पर आतंकियों के मारे जाने से दुखी होने का आरोप भी लगाया और कहा कि "आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए।" उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए दाऊद और सलाउद्दीन जैसे आतंकियों को कांग्रेस शासन में भागने की बात कही। शाह ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने आतंक फैलाने वालों को जड़ से खत्म करने का काम किया है।