नई दिल्ली: मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ आने वाले इमरजेंसी अलर्ट संदेशों को फिलहाल रोक दिया गया है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA ने सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. यह जानकारी अधिकारियों की ओर से जारी एक एडवाइजरी में दी गई है. हालांकि इस सेवा को बंद करने के पीछे का सटीक कारण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस की शुरुआत मई 2026 में आधिकारिक रूप से की गई थी. इस तकनीक का उद्देश्य आपदा, मौसम संबंधी खतरे और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाना था. इस सेवा के तहत किसी क्षेत्र विशेष में मौजूद सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं के फोन पर एक साथ अलर्ट संदेश भेजा जाता था. संदेश आते ही फोन में तेज आवाज बजती थी और स्क्रीन पर एक महत्वपूर्ण सूचना दिखाई देती थी.
हाल के महीनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी, तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि जैसी मौसम संबंधी घटनाओं के दौरान इस प्रणाली का उपयोग किया गया था. इसके जरिए लोगों को समय रहते सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती थी. सरकार का मानना था कि इस तकनीक से आपदा के समय लोगों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है.
अधिकारियों के अनुसार सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से रोका गया है. संकेत मिले हैं कि संबंधित एजेंसियां तकनीकी प्रक्रियाओं और सिस्टम के संचालन की समीक्षा कर सकती हैं. हालांकि इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.
यह प्रणाली पारंपरिक एसएमएस सेवा से अलग तरीके से काम करती है. सामान्य एसएमएस की तरह इसमें प्रत्येक मोबाइल नंबर पर अलग-अलग संदेश भेजने की आवश्यकता नहीं होती. इसके बजाय किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपकरणों तक एक साथ संदेश पहुंचाया जाता है. इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की भी आवश्यकता नहीं होती और नेटवर्क पर अधिक दबाव होने की स्थिति में भी संदेश प्रसारित किया जा सकता है.
सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने दूरसंचार विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया था. इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना और लोगों तक समय पर चेतावनी पहुंचाना था.
फिलहाल इस सेवा के निलंबन के बाद मोबाइल उपयोगकर्ताओं को ऐसे अलर्ट संदेश प्राप्त नहीं होंगे. सरकार और संबंधित एजेंसियां समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस सेवा को दोबारा शुरू करने पर निर्णय ले सकती हैं. तब तक यह सेवा अस्थायी रूप से बंद रहेगी.