देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नए संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए प्रावधानों का उद्देश्य संगठित पेपर लीक गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करना और भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
मंजूर किए गए मसौदा विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों के लिए कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं.
इनमें प्रमुख रूप से—