नई दिल्ली: अमेरिका की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी कॉमकास्ट के खिलाफ एक पूर्व कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत में मुकदमा दायर किया है. शिकायत में दावा किया गया है कि कम बिक्री करने वाले कर्मचारियों को सजा के तौर पर कुर्सी से बांधकर उनके चेहरे पर क्रीम पाई फेंकी जाती थी.
पूर्व कर्मचारी का कहना है कि इसे मजाक और मोटिवेशन का नाम दिया जाता था, लेकिन वास्तव में यह कर्मचारियों के लिए मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना का कारण था. हालांकि कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि शिकायत में पेश की गई तस्वीर वास्तविक घटनाओं को सही तरीके से नहीं दर्शाती.
शिकायत के अनुसार यह मामला अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के प्लेनविल स्थित कॉमकास्ट स्टोर का है. पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया कि हर महीने सेल्स रिपोर्ट आने के बाद सबसे कम बिक्री करने वाले कर्मचारी को चुना जाता था. इसके बाद उसे स्टोर के पीछे बने ऑफिस क्षेत्र में कुर्सी पर बैठाकर बांध दिया जाता था और उसके चेहरे पर क्रीम पाई फेंकी जाती थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को ऑफिस की परंपरा बताकर सामान्य बनाने की कोशिश की जाती थी.
मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि पिछले महीने सबसे ज्यादा बिक्री करने वाले कर्मचारी को कथित तौर पर सबसे कम बिक्री करने वाले कर्मचारी को कुर्सी से बांधने और उसके चेहरे पर क्रीम पाई मारने की जिम्मेदारी दी जाती थी. शिकायतकर्ता के अनुसार इससे कर्मचारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की जगह डर और अपमान का माहौल बन गया था. कई कर्मचारी हर महीने इस आशंका में काम करते थे कि अगला नंबर उनका भी हो सकता है.
रोजगार कानून से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी को उसकी इच्छा के विरुद्ध बांधा जाता है या सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है, तो यह केवल अनुशासन का मामला नहीं बल्कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न और कर्मचारी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर कानूनी विषय बन सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सकारात्मक फीडबैक जैसे उपाय अपनाए जाने चाहिए, न कि सार्वजनिक अपमान.
कॉमकास्ट ने अपने बयान में कहा कि मुकदमे में लगाए गए आरोप और प्रस्तुत तस्वीर वास्तविक घटनाओं का सही चित्रण नहीं करती हैं. कंपनी का कहना है कि शिकायत में कई तथ्यों को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है. साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि वह कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को गंभीरता से लेती है. फिलहाल अदालत में मामला विचाराधीन है और दोनों पक्ष अपने-अपने सबूत पेश करेंगे.