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'नौकरी मिलेगी तो क्या होगा...', दफ्तर में महिला पुलिसकर्मियों ने बनाई रील; Video Viral होते ही हुआ एक्शन

मऊ पुलिस दफ्तर के अंदर गाने पर डांस करती महिला पुलिसकर्मियों का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. 

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'नौकरी मिलेगी तो क्या होगा...', दफ्तर में महिला पुलिसकर्मियों ने बनाई रील; Video Viral होते ही हुआ एक्शन
Courtesy: X

यूपी के पुलिसवालों को आजकल रील बनानें में ज्यादा मजा आ रहा है. एक के बाद एक रोज किसी नए पुलिसकर्मी की रील वायरल होती रहती है. कभी हवाबाजी करते हुए, तो कभी गाने पर ठुमकते हुए. सरकार के कड़े निर्देंशों के बाद भी पुलिसकर्मी थक नहीं रहे. एक पुलिस दफ्तर के अंदर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में महिला पुलिसकर्मी दफ्तर के अंदर रील बनाती दिख रही हैं.

दफ्तर के अंदर बनी रील

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से ये वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में महिला पुलिसकर्मी सरकारी दफ्तर में मोबाइल कैमरे के सामने एक्टिंग करती दिखाई देती है. क्लिप में वह गाने के बोल के साथ एक्सप्रेशन देती नजर आ रही हैं. बैकग्राउंड में गाना चल रहा है, “जब नौकरी मिलेगी, तो क्या होगा... बदन पर सूट होगा, पांव में बूट होगा...”. यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

पुलिस विभाग ने लिया तुरंत एक्शन

मामला वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने आधिकारिक बयान जारी किया. विभाग की ओर से कहा गया कि ड्यूटी के दौरान महिला कर्मियों द्वारा रील बनाए जाने संबंधी पोस्ट का संज्ञान लिया गया है. इसके बाद संबंधित वीडियो तुरंत डिलीट कराया गया. साथ ही महिला कर्मियों को भविष्य में सोशल मीडिया पॉलिसी और विभागीय अनुशासन का पालन करने के लिए कड़ी चेतावनी भी दी गई है. पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच के लिए सीओ सिटी को निर्देशित किया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

 

नई चुनौतियां

पिछले कुछ समय में पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों के रील वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में कई बार कर्मचारी नियमों की सीमाएं पार कर देते हैं.

मासिक रिपोर्ट जमा करनी होगी; URL रिकॉर्ड किए जाएंगे

इस अनुशासनहीनता पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक अचूक योजना तैयार की है. सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र और इकाइयों के अंतर्गत आने वाले ऐसे किसी भी पुलिसकर्मी की तत्काल पहचान करें, जो सोशल मीडिया नीति का उल्लंघन करते पाए जाते हैं. पहचाने गए कर्मियों के विरुद्ध तत्काल और आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए. इसके अतिरिक्त, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण देने वाली एक मासिक रिपोर्ट जो निर्धारित प्रारूप (proforma) के अनुसार तैयार की गई हो अधोहस्ताक्षरी (मुख्यालय) को जमा की जानी है.