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'तूफान से पहले की शांति', ईरान पर फिर बम बरसाएंगे ट्रंप? US मीडिया का बड़ा दावा

युद्ध के बिगूल फिर बजने वाला हैं. मिडिल ईस्ट में एक बार फिर शवों के ढेर लगेंगे. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, एक बार फिर ट्रंप ईरान पर हमला करने जा रहे हैं. 

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'तूफान से पहले की शांति', ईरान पर फिर बम बरसाएंगे ट्रंप? US मीडिया का बड़ा दावा
Courtesy: X

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर मौत दस्तक दे रही है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. इसी बीच अमेरिकी मीडिया में आई रिपोर्ट्स ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. दावा किया जा रहा है कि ट्रंप हमले की तैयारी कर रहे हैं. अगर दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपनाएगा.

ट्रंप की पोस्ट से बढ़ी हलचल

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक AI तस्वीर साझा की. तस्वीर में वह अमेरिकी नौसेना अधिकारी के साथ युद्धपोत पर खड़े दिखाई दिए. बैकग्राउंड में समुद्र, युद्धपोत और तनावपूर्ण माहौल नजर आ रहा था. ट्रंप ने इसके साथ लिखा, “तूफान से पहले की शांति.” इस पोस्ट के बाद अमेरिकी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि अमेरिका किसी बड़े कदम की तैयारी कर रहा है. ट्रंप लगातार यह भी कह रहे हैं कि अगर ईरान जल्द समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

बातचीत में फंसा मामला

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहुत समय से रूकी हुई है. ईरान की पांच प्रमुख शर्तें इसका सबसे बड़ा कारण मानी जा रही हैं. ईरान चाहता है कि पहले सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं. विदेशों में रोकी गई उसकी संपत्तियां वापस दी जाएं. इसके अलावा तेहरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग रखी है. ईरान यह भी चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसकी संप्रभुता को मान्यता दी जाए. अमेरिका इन शर्तों को मानने में हिचक दिखा रहा है. यही

इजरायल में धमाका

इस बीच इजरायल में हुए एक बड़े विस्फोट ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. यरुशलम के पास एक डिफेंस टेस्टिंग ग्राउंड में धमाका हुए. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. वीडियो में आग की ऊंची लपटें और धुएं का बड़ा गुबार देखा गया.

सैन्य तैयारी की खबरें तेज

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस और अमेरिकी सेना के भीतर ईरान को लेकर कई विकल्पों पर चर्चा हो रही है. इनमें ईरान के सैन्य ठिकानों और यूरेनियम स्टोरेज केंद्रों पर संभावित हवाई हमले भी शामिल बताए जा रहे हैं. दूसरी तरफ ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो उसका समर्थन करने वाले देशों को भी परिणाम भुगतने होंगे.