प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज से एक दिल दहला देनेवाला मामला सामने आया है. यहां अपने बच्चे को आग से बचाने के लिए एक मां ने अपनी जान की बाजी लगा दी. मां ने अपने बच्चे की जान तो बचा ली, लेकिन वो खुद को नहीं बचा पाई. गंभीर रूप से झुलसने की वजह से उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से जहां लोग मां की ममता की दुहाई दे रहे हैं, वही इलाके के लोगों में गहरा दुख भी देखने को मिल रहा है.
दरअसल, मामला यूपी के प्रयागराज के नैनी बाजार इलाके का है, जानकारी के मुताबिक 12 मई को संजीव केसरवानी के घर में अचानक आग लग गयी. इस घर में संजीव केसरवानी के अलावा उनके दो भाइयों का परिवार भी रहता है. नीचे बने गोदाम में राटा के समय में अचानक आग लग गई, जिसके बाद देखते ही देखते आग पुरे मकान में फ़ैल गई.
🚨Prayagraj’s Brave Mother: Supreme Sacrifice and Unbreakable Courage to Save Her Children 🙏
Heartbreaking Incident : In the deadly fire of Naini Bazaar, Prayagraj on 12th May, Archana Keservani displayed a mother’s supreme sacrifice and extraordinary courage.
Trapped amid… pic.twitter.com/rjFbNjiE3O— Ramesh Tiwari (@rameshofficial0) May 16, 2026Also Read
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आग ने जब मकान को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया तो मकान के अंदर के लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला. फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन संकरी गली होने की वजह से फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर पहुँचने में काफी वक्त लग गया. इस दौरान जान बचाने के लिए परिवार घर की छत पर चला गया, लेकिन आग इतनी तेजी से फ़ैल रही थी उसकी लपटें छत तक पहुंच रही थी.
इस भीषण अगलगी के दौरान भी संजीब केसरवानी की पत्नी अर्चना ने गजब की सूझबूझ का परिचय दिया और अपने एक साल के बच्चे को चादर में लपेटा और करीब पड़ोसी की छत की ओर उछाल दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया. अर्चना ने 13 साल और 10 साल की दोनों बेटियों को भी पड़ोसी की छत तक सुरक्षित पहुंचा दिया और अंत में अपने भतीजे को भी सुरक्षित बचा लिया.
हालाँकि इस दौरान वो आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई, जिसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन उनकी जान नहीं बचाई सकी और अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अर्चना की मौत से जहां उनके परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है, वही इलाके के लोग भी ग़मगीन हैं. लोग उनकी बहादुरी का जिक्र भी करते हैं और रुंधे गले से उनके बच्चों की फ़िक्र भी.