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दहेज ने ली एक और बेटी की जान, बेंगलुरु में 27 वर्षीय टेकी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

बेंगलुरु में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिल्पा की आत्महत्या ने समाज में दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर मुद्दों को फिर से उजागर किया है. उनके माता-पिता ने दहेज के लिए उत्पीड़न और रंगभेदी टिप्पणियों को उनकी मौत का कारण बताया है. पुलिस ने शिल्पा के पति प्रवीण को हिरासत में लिया है और मामले की जांच कर रही है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
दहेज ने ली एक और बेटी की जान, बेंगलुरु में 27 वर्षीय टेकी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
Courtesy: WEB

भारत की तकनीकी राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक बुराई के कारण चर्चा में है. सुड्डागुंटेपल्या में मंगलवार रात एक 27 वर्षीय टेक प्रोफेशनल शिल्पा अपने घर में फंदे से लटकी पाई गईं. उनके माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने दहेज उत्पीड़न और रंगभेदी टिप्पणियों को शिल्पा की आत्महत्या का कारण बताया है. 

जानकारी के अनुसार शिल्पा की शादी ढाई साल पहले प्रवीण से हुई थी, जो पहले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे. दोनों का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है. शिल्पा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और इन्फोसिस में काम करती थीं, जबकि प्रवीण ने ओरेकल में नौकरी छोड़कर खाद्य व्यवसाय शुरू किया था. शिल्पा के माता-पिता के अनुसार, शादी के समय प्रवीण के परिवार ने 15 लाख रुपये नकद, 150 ग्राम सोने के आभूषण और घरेलू सामान की मांग की थी. इन मांगों को पूरा करने के बावजूद, शादी के बाद भी शिल्पा पर अतिरिक्त धन और कीमती सामान के लिए दबाव बनाया गया.

रंगभेदी टिप्पणियों का दर्द

शिल्पा के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी सास ने उनके रंग को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं. शिकायत के अनुसार, सास ने कहा 'तुम काली हो और मेरे बेटे के लिए उपयुक्त नहीं. उसे छोड़ दो, हम उसके लिए बेहतर दुल्हन ढूंढ लेंगे.' ऐसी टिप्पणियों ने शिल्पा को मानसिक रूप से तोड़ दिया. परिवार का कहना है कि दहेज के साथ-साथ इस तरह की अपमानजनक बातें शिल्पा के लिए असहनीय हो गई थीं, जिसने उन्हें यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया. 

आर्थिक दबाव और व्यवसाय की मांग

शिल्पा के माता-पिता ने यह भी बताया कि छह महीने पहले प्रवीण के परिवार ने उनके व्यवसाय के लिए 5 लाख रुपये की मांग की थी. परिवार ने यह राशि दी, लेकिन इसके बावजूद शिल्पा पर दबाव कम नहीं हुआ. शिल्पा के परिवार का कहना है कि बार-बार की मांगों और मानसिक उत्पीड़न ने उनकी बेटी को इस हद तक परेशान कर दिया कि उसने अपनी जान ले ली.

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

सुड्डागुंटेपल्या पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है. प्रवीण को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. एक सहायक पुलिस आयुक्त इस जांच का नेतृत्व कर रहे हैं. पुलिस ने शिल्पा का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके माता-पिता को सौंप दिया है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया 'हम सभी आरोपों की सत्यता की जांच कर रहे हैं. मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.'