बेंगलुरु के एक डेकेयर सेंटर से सामने आए कथित बाल दुर्व्यवहार के मामले ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पहली आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के अनुसार मामला कैप्जेमिनी डेकेयर सेंटर से जुड़ा है, जहां आईटी कंपनी के कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को छोड़ते थे. जांच के दौरान सामने आए वीडियो के आधार पर पांच महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अब पूरे मामले की गहन जांच जारी है.
पुलिस ने आरोपी संख्या दो के रूप में नामित विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि वायरल वीडियो में उसकी पहचान होने के बाद यह कार्रवाई की गई. पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है.
प्रारंभिक जांच में विजयलक्ष्मी, सिंधु, मंजुला, भवानी और बिंदू के नाम सामने आए हैं. सभी महिलाएं उसी डेकेयर सेंटर में कार्यरत थीं. पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. साथ ही कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के समक्ष भी अलग से शिकायत दर्ज कराई गई है.
जांच में शामिल वायरल वीडियो को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. आरोप है कि बच्चों के रोने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता था और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की संवेदनशीलता को देखते हुए उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. फिलहाल इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है.
बेंगलुरु पुलिस वीडियो की प्रामाणिकता, रिकॉर्डिंग की तारीख और घटनाओं के क्रम की पुष्टि कर रही है. अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या डेकेयर सेंटर में अन्य बच्चों के साथ भी इसी तरह की घटनाएं हुई थीं. वीडियो फुटेज का तकनीकी विश्लेषण लगातार जारी है.
इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं.