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बेंगलुरु की खदान में 100 फीट ऊपर से गिरी विशाल चट्टान, बिहार के 7 मजदूरों की गई जान

बेंगलुरु के दक्षिण तालुक स्थित एक पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के सात मजदूरों की मौत हो गई. हादसे में कई अन्य श्रमिक घायल हुए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा नियमों की पड़ताल की जा रही है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बेंगलुरु की खदान में 100 फीट ऊपर से गिरी विशाल चट्टान, बिहार के 7 मजदूरों की गई जान
Courtesy: ai generated

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदापट्टना इलाके में स्थित एक पत्थर खदान में काम के दौरान विशाल चट्टान गिरने से बिहार के सात मजदूरों की जान चली गई. सभी मृतक दिहाड़ी मजदूर थे और पत्थर क्रशर इकाई में काम कर रहे थे. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस, राहत दल और स्थानीय प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया. कई घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

खदान में कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के अनुसार यह घटना गुरुवार सुबह उस समय हुई जब खदान में नियमित कार्य चल रहा था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मजदूर नीचे काम कर रहे थे, जबकि उनसे करीब 100 फीट ऊपर एक मशीन की मदद से नए क्रशर यूनिट के लिए जगह तैयार की जा रही थी. इसी दौरान एक बड़ी चट्टान अपनी जगह से खिसक गई और तेज रफ्तार से नीचे आ गिरी. नीचे मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग उसके नीचे दब गए. मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने तुरंत मदद की कोशिश की, लेकिन सात मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

कई मजदूर घायल, राहत कार्य जारी

हादसे के समय खदान में करीब 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे. चट्टान गिरने के बाद चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए. सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया. मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. अधिकारियों के अनुसार घायलों की संख्या का सत्यापन किया जा रहा है. प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित कर दिया ताकि किसी अन्य संभावित खतरे से बचा जा सके.

लापरवाही की आशंका पर जांच

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि मशीन चला रहे ऑपरेटर को इस बात की जानकारी नहीं थी कि नीचे मजदूर काम कर रहे हैं. इसी कारण सुरक्षा समन्वय में चूक हुई और बड़ा हादसा हो गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खदान में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के लिए किसी प्रकार की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं. अधिकारियों ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संचालकों की जिम्मेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित खदान संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन मृतकों के परिजनों को सूचना देने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है.