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Jharkhand Liquor Policy: 10 दिन बाद बंद हो सकती हैं झारखंड की शराब दुकानें, जानें सरकार ने क्या फैसला लिया?

Jharkhand Liquor Policy: झारखंड में नई शराब नीति को लेकर असमंजस है. 1 जुलाई से नई नीति लागू होनी है, लेकिन अभी तक जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. मंत्री ने कहा है कि तब तक शराब की बिक्री जारी रहेगी.

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Edited By: Anvi Shukla
Jharkhand Liquor Policy: 10 दिन बाद बंद हो सकती हैं झारखंड की शराब दुकानें, जानें सरकार ने क्या फैसला लिया?
Courtesy: social media

Jharkhand Liquor Policy: झारखंड में 1 जुलाई से लागू होने वाली नई उत्पाद नीति को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है. राज्य में वर्तमान नीति के तहत शराब की बिक्री 30 जून तक जारी रहेगी, लेकिन इसके बाद के संचालन को लेकर अब तक पूरी प्रक्रिया नहीं हो पाई है. इस वजह से शराब की बिक्री प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है.

राज्य सरकार ने खुदरा दुकानों के संचालन के लिए लॉटरी प्रक्रिया की घोषणा की थी, लेकिन यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है. शराब की दुकानों को नयी नीति के तहत JSBCL (झारखंड स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के माध्यम से संचालित किया जाना है. हालांकि, उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि 'जब तक लॉटरी और अन्य प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक शराब की खुदरा बिक्री JSBCL की देखरेख में जारी रहेगी.'

दुकानों की हैंडओवर प्रक्रिया बनी चुनौती

झारखंड में फिलहाल करीब 1453 खुदरा शराब दुकानें हैं. 30 जून से पहले इन दुकानों की हैंडओवर-टेकओवर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें स्टॉक मिलान, बिक्री और जमा राशि की समीक्षा की जानी है. इतनी बड़ी संख्या में दुकानों के संचालन में बदलाव के लिए समय बहुत कम बचा है, ऐसे में इस प्रक्रिया को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

जिलों को नहीं मिला कोई आधिकारिक निर्देश

मंत्री के बयान के बावजूद अब तक जिलों को कोई स्पष्ट पत्र जारी नहीं किया गया है. इससे जिला स्तर पर तैयारी अधूरी है. अधिकारी इस असमंजस की स्थिति में यह तय नहीं कर पा रहे कि एक जुलाई से शराब की बिक्री कैसे होगी.

कैबिनेट से स्वीकृति, लेकिन अमल में देरी

उत्पाद नीति को पिछले महीने ही कैबिनेट से मंजूरी मिली थी. परंतु उत्पाद आयुक्त की ट्रेनिंग में व्यस्तता और विभाग में तबादलों के चलते नीति के क्रियान्वयन में देरी हुई. अब नए सचिव और आयुक्त की नियुक्ति हो चुकी है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे.