नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बाद अब हंता वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर एक नया दावा लोगों को डरा रहा है. चर्चा है कि यह वायरस मां के दूध और स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है. इस खबर ने छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं वाले परिवारों की टेंशन बढ़ा दी है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे पैनिक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि ऐसे मामले बेहद रेयर हैं.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. राजीव जयदेवन के मुताबिक बीमारी से ठीक होने के बाद स्पर्म में वायरस का आरएनए मिलना कोई नई बात नहीं है. करीब 27 अलग-अलग वायरसों में ऐसा देखा गया है. हमारे टेस्टिस में वायरस लंबे समय तक छिपे रह सकते हैं. राहत की बात यह है कि रिसर्च में सिर्फ वायरस का आरएनए मिला है जिंदा वायरस नहीं. यानी इसके जरिए दूसरों में इन्फेक्शन फैलने का कोई पक्का सबूत नहीं है.
दरअसल इसकी शुरुआत 2023 की एक स्टडी से हुई थी जिसमें चूहों से फैलने वाले एंडीज स्ट्रेन का आरएनए इंसानी स्पर्म में मिला था. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसमें यौन संबंध से फैलने की आशंका हो सकती है पर अभी तक ऐसा कोई कन्फर्म केस नहीं आया है.
वहीं एक मेडिकल जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार चिली में एक संक्रमित मां के दूध में एंडीज वायरस के अंश मिले थे जिससे मां से बच्चे में वायरस जाने का खतरा जताया गया था. लेकिन पुणे के एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अमिताव बनर्जी का कहना है कि यह मामला बहुत रेयर है और आम लोगों को इससे घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.
हंता वायरस का यह नया मामला 11 अप्रैल 2026 को सामने आया था जब एक डच क्रूज शिप एमवी होडियंस पर एक बुजुर्ग यात्री की मौत हो गई थी. बाद में उनकी पत्नी और एक अन्य जर्मन महिला की भी जान चली गई थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के मुताबिक इस जहाज से जुड़े हंता वायरस के 9 मामले कन्फर्म हो चुके हैं. WHO ने जहाज से लौटे सभी लोगों को 42 दिनों तक आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है. अमेरिका ने भी अपने 17 नागरिकों को नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में 42 दिनों के क्वारंटीन में रखा है.