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India Daily

मसाज के बहाने थेरेपिस्ट ने 61 महिलाओं को बनाया अपनी हवस का शिकार, चुपके से बना लेता था अश्लील वीडियो

ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने 61 महिलाओं का यौन शोषण करने वाले भारतीय मूल के एक थेरेपिस्ट को करीब 14 साल की जेल सुनाई है. दोषी बिना किसी योग्यता के एडिलेड में मसाज का काम कर रहा था.

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मसाज के बहाने थेरेपिस्ट ने 61 महिलाओं को बनाया अपनी हवस का शिकार, चुपके से बना लेता था अश्लील वीडियो
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: विदेशों में भारतीय प्रवासियों से जुड़ी खबरें अक्सर देश का कद बढ़ाती हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से आई एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली खबर ने सबको सन्न कर दिया है. एडिलेड के एक नामी मसाज पार्लर में काम करने वाले भारतीय मूल के एक शख्स को दर्जनों महिलाओं के यौन उत्पीड़न के संगीन मामले में सख्त सजा सुनाई गई है. अदालत ने इस पूरे कृत्य को बेहद घिनौना और भरोसे का कत्ल माना है.  

मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले 39 वर्षीय सुमित सतीश रस्तोगी ने अदालत में कुल 97 गंभीर अपराधों की बात स्वीकार की है. इसमें महिलाओं की मर्जी के बिना उनका अश्लील वीडियो बनाने के 55 और बेहद आपत्तिजनक हमलों के 42 मामले शामिल हैं. उसने इन वारदातों को अक्टूबर 2021 से जुलाई 2022 के बीच एडिलेड के ग्लेनेल इलाके में अंजाम दिया था. वह साल 2011 में भारत से ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई और काम के सिलसिले में गया था.

पीड़ितों का छलका दर्द

इस अदालती सुनवाई के दौरान पीड़ित महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं. एक महिला ने रोते हुए कहा कि वह अपने हनीमून के दौरान वहां गई थी, लेकिन इस घटना ने उसकी जिंदगी की सबसे हसीन यादों को एक डरावने सपने में तब्दील कर दिया. अब वे किसी भी पुरुष डॉक्टर या थेरेपिस्ट पर विश्वास नहीं कर पा रही हैं और उनकी शादीशुदा जिंदगी पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है.

बचाव पक्ष की अजीबो-गरीब दलील

मुकदमे के दौरान दोषी के वकील ने एक अजीब मेडिकल दलील पेश की. उन्होंने कहा कि सुमित 'वोयूरिस्टिक डिसऑर्डर' नाम की मानसिक बीमारी से पीड़ित था, जिसमें व्यक्ति को महिलाओं को बिना उनकी मर्जी के देखने से उत्तेजना मिलती है. वकील ने कहा कि जेल में इस बीमारी का इलाज संभव नहीं है और दोषी को अपने किए पर पछतावा है. हालांकि, पीड़ितों ने उसकी इस माफी को महज सजा से बचने का एक बहाना करार दिया.

अदालत ने दिखाया कड़ा रूख 

साउथ ऑस्ट्रेलिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज कारमेन माटेओ ने इन दलीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी के नाम पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी से भागा नहीं जा सकता. कोर्ट ने कहा कि जब तक सुमित पकड़ा नहीं गया, उसका व्यवहार पूरी तरह बेकाबू हो चुका था और वह लगातार पीड़ितों के अंतःवस्त्रों से छेड़छाड़ कर उनकी तस्वीरें ले रहा था. जज ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि वह बिना किसी जरूरी डिग्री के थेरेपिस्ट बना बैठा था.

अदालत ने सुमित रस्तोगी को 13 साल और 10 महीने की कड़ी कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि अगले 10 साल और 10 महीने तक उसे किसी भी कीमत पर पैरोल नहीं दी जाएगी. यह अवधि उसकी गिरफ्तारी के दिन से जोड़ी जाएगी, जिससे वह साल 2035 के आसपास ही बाहर आ सकेगा. इसके अलावा सजा खत्म होते ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार उसे वापस भारत डिपोर्ट कर देगी.