चार यूरोपीय देशों की यात्रा के अपने दूसरे पड़ाव में पीएम मोदी रविवार (17 मई) को स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचे. स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़ सम्मान से सम्मानित किया. दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर बातचीत हुई. पीएम 17 और 18 मई को स्वीडन में ही रहेंगे. इससे पहले वह साल 2018 में स्वीडन गए थे, जब वहां पहला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन हुआ था.
जैसे ही पीएम मोदी का विमान स्वीडन की सीमा में घुसा, स्वीडन के लड़ाकू विमानों ने उसे घेर लिया. ये विमान पीएम मोदी के विमान को सुरक्षा देते हुए गोथेनबर्ग एयरपोर्ट तक साथ गए जो पीएम मोदी की लोकप्रियता और ताकत दोनों को दिखाता है.
जैसे ही पीएम मोदी का विमान गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर उतरा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन खुद पीएम को लेने एयरपोर्ट पहुंचे. स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान में से एक रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया. पीएम मोदी को यह सम्मान भारत और स्वीडन के बीच रिश्ते मजबूत करने, वैश्विक सहयोग बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दिया गया है. यह पीएम मोदी को मिला 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है.
A reaffirmation of friendship!
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 17, 2026
Her Royal Highness Crown Princess Victoria of Sweden conferred upon PM @narendramodi the ‘Royal Order of the Polar Star, Degree Commander Grand Cross’ in recognition of his exceptional contribution to the 🇮🇳-🇸🇪 relationship and his visionary… pic.twitter.com/PwyK2YIiaF
पीएम मोदी स्वीडन में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिले. पीएम मोदी के स्वागत में स्वीडिश ओपेरा सिंगर शार्लोटा हुल्ड ने 'वैष्णव जन तो' भजन गाया. कार्यक्रम में बंगाली संस्कृति की भी झलक मिली.
Bengali culture is popular world over and Sweden is no exception.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
During the community welcome, in which PM Kristersson was also present, a glimpse of the glorious Bengali culture was on display. pic.twitter.com/m28kYPICoM
मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर लिखा कि बंगाली संस्कृति पूरी दुनिया में मशहूर है और स्वीडन भी इससे अलग नहीं है. पीएम ने आगे लिखा कि इस दौरे पर व्यापार, निवेश, नई खोज और रक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी.