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यूपी-बिहार में कैसे बैकफायर कर गया 'अबकी बार 400 पार का नारा', वो गलतियां जिनकी वजह से हिला नरेंद्र मोदी का जनाधार?

UP Bihar Lok Sabha Result: भाजपा की अगुवाई वाले NDA ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 400 पार का टारगेट रखा था, लेकिन यूपी बिहार के वोटर्स ने NDA के इस नारे को बड़ा वाला डेंट लगा दिया.

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UP Bihar Lok sabha Result

UP Bihar Lok Sabha Result: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं. नतीजों से पहले NDA ने जितनी सीटों पर जीत का दावा किया था या कहे कि जितना टारगेट रखा था, उससे वे कही पीछे छूट गए. इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. इनमें एक ये भी कि हिंदी पट्टी, जहां भाजपा का प्रदर्शन हमेशा बेहतर रहा है, वहां पार्टी इस बार गच्चा खा गई. 

खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे हिंदी बेल्ट वाले राज्यों में. दोनों राज्यों में लोकसभा की 120 सीटें हैं. यूपी में एनडीए को जहां 36 सीटें मिलीं, वहीं बिहार में एनडीए को 30 सीटों से संतोष करना पड़ा. यानी 2019 के मुकाबले उत्तर प्रदेश में एनडीए को 29, जबकि बिहार में 9 सीटों का नुकसान हुआ. कुल मिलाकर NDA का 'अबकी बार 400 पार' वाला नारा उत्तर प्रदेश और बिहार में बैकफायर कर गया. राजनीति के जानकारों की मानें तो इसके लिए खुद नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं. नरेंद्र मोदी ने चुनावी भाषण के दौरान कुछ ऐसा किया, जो एनडीए के लिए नुकसानदायक हो गया और उनकी गलतियों की वजह से ही NDA का जनाधार खिसक गया. आइए, समझते हैं.

अनुमानों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की कुल आबादा सवा 23 करोड़ के आसपास है. इसमें मुस्लिम वोटर्स की संख्या 19 से 23 फीसदी के बीच है. वहीं, बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ है, जिसमें करीब 18 फीसदी मुस्लिम हैं. अब आते हैं कि कैसे पीएम मोदी के बयानों की वजह से NDA का जनाधार यूपी और बिहार में खिसक गया. दरअसल, यूपी और बिहार हिंदी बेल्ट वाले राज्यों में आता है, जहां भाजपा कुछ चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करती आ रही है. इसमें मुस्लिम वोटर्स का भी अच्छी भागीदारी होती है. कहा जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कुछ ऐसे बयान दिए, जिनकी वजह से मुस्लिम वोटर्स एकतरफा इंडिया गठबंधन की ओर शिफ्ट हो गए.

पीएम मोदी ने भाषणों में खुले तौर पर मुसलमानों को बनाया निशाना

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल वोट मांगने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया है, बल्कि उन्होंने खुले तौर पर मुसलमानों को निशाना भी बनाया. 30 मई को पंजाब के होशियारपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस और इंडिया अलायंस पर एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण छीनने और इसे मुसलमानों को देने का प्रयास करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि मोदी ने दलितों और पिछड़ी जातियों को दिए गए आरक्षण को किसी को भी छीनने नहीं देने का फैसला किया है. अपनी सरकार के 10 सालों में मैंने एससी/एसटी और ओबीसी के आरक्षण की रक्षा के लिए काम किया है. मेरे प्रयासों से कांग्रेस और इंडी गठबंधन बौखला गया है. आरक्षण को लेकर उनके इरादे खतरनाक हैं.

मोदी ने कहा कि उनका ट्रैक रिकॉर्ड एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण छीनना है. वे गवर्मेंट जॉब्स, स्पोर्ट्स, गवर्मेंट टेंडर्स, यूनिवर्सिटीज में धर्म के आधार पर आरक्षण चाहते हैं. ये संविधान की भावना और बाबासाहेब अंबेडकर की भावना के खिलाफ है. वे दलितों और पिछड़ी जातियों का आरक्षण छीनकर केवल मुसलमानों को देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता देश को धर्म के आधार पर बांटने की साजिश कर रहे हैं.

मंगलसूत्र, मटन, मुजरा को लेकर फिर मुसलमानों पर साधा निशाना

21 अप्रैल को राजस्थान के बांसवाड़ा में अपने भाषण में मोदी ने भारतीय मुसलमानों को 'घुसपैठिए' यानी अधिक बच्चे पैदा करने वाले करार दिया और कांग्रेस पर अपने घोषणापत्र में वादा करने का आरोप लगाया कि वो आपकी तिजोरियों से धन लेकर मुसलमानों को बांट देगी.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से 2006 में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि पहले जब उनकी सरकार थी, तो उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है, यानी वे इस संपत्ति को इकट्ठा करके किसे देंगे? जिनके ज़्यादा बच्चे होंगे, वे इसे घुसपैठियों में बांट देंगे. क्या आपकी मेहनत का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? क्या आपको यह मंजूर है?

मोदी ने कहा कि कांग्रेस का ये घोषणापत्र कह रहा है कि वो माताओं-बहनों के सोने का हिसाब लगाएंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांटेंगे. भाइयों-बहनों, ये अर्बन नक्सली सोच आपके मंगलसूत्र को भी नहीं बचने देगी, इतनी दूर तक जाएगी.

12 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के उधमपुर में दिया था ये बयान

12 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में एक रैली में मोदी ने विपक्ष पर नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन खाकर बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और भारतीय गठबंधन को देश के बहुसंख्यक लोगों की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है. उन्हें लोगों की भावनाओं के साथ खेलने में मज़ा आता है. जो कोई जमानत पर बाहर है, कोई जिसे अदालत से सज़ा हुई है, वे सावन के महीने में ऐसे लोगों के घर गए और मटन पकाते हुए मौज-मस्ती की. इतना ही नहीं, उन्होंने देश के लोगों का मज़ाक उड़ाने के लिए एक वीडियो भी बनाया.

उन्होंने अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए मांसाहारी खाना खाने के लिए विपक्षी नेताओं की तुलना मुगलों से की. उन्होंने कहा कि कानून किसी को कुछ भी खाने से नहीं रोकता और न ही मोदी ऐसा करते हैं. हर किसी को शाकाहारी या मांसाहारी खाने की आजादी है.

उन्होंने कहा कि लेकिन इन लोगों के इरादे कुछ और ही है. जब मुगल आक्रमण करते थे, तो वे किसी शासक को हराकर संतुष्ट नहीं होते थे. जब तक वे मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों को नष्ट नहीं कर देते, तब तक वे संतुष्ट नहीं होते थे. उन्हें इसमें मज़ा आता था. इसी तरह सावन के महीने में एक वीडियो दिखाकर वे मुगलकालीन मानसिकता को दिखा रहे हैं और देश के लोगों का उपहास उड़ा रहे हैं और अपना वोट बैंक मजबूत कर रहे हैं.

मोदी ने कहा कि आप किसका मज़ाक उड़ाने की कोशिश कर रहे हैं? नवरात्र के दिनों में नॉनवेज खाना और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला वीडियो बनाना, आप किसे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं? मोदी का इशारा लालू यादव और राहुल गांधी की ओर था. दरअसल, लालू यादव के घर पहुंचे राहुल गांधी को राजद सुप्रीमो ने मटन बनाकर खिलाया था. इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

विपक्ष पर मोदी ने लगा दिया मुजरा करने का आरोप

25 मई को बिहार के पाटलिपुत्र में एक रैली में मोदी ने विपक्ष पर अपने वोट बैंक के लिए मुजरा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आज बिहार की इस धरती से, सामाजिक न्याय की धरती से मैं देश को, बिहार को और एससी/एसटी/ओबीसी के परिवारों को गारंटी देना चाहता हूं कि जब तक मोदी जिंदा है, मैं एससी/एसटी/ओबीसी के अधिकारों को छीनने नहीं दूंगा. यह मोदी की गारंटी है. मोदी के लिए संविधान सर्वोच्च है. मोदी के लिए बाबासाहेब अंबेडकर के मूल्य सर्वोच्च हैं.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर इंडी गठबंधन को अपने वोट बैंक की गुलामी करनी है, तो करने दें. अगर वे वहां जाकर मुजरा भी करना चाहते हैं, तो वे कर सकते हैं. मैं एससी/एसटी/ओबीसी के अधिकारों के साथ खड़ा रहूंगा और जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक ऐसा करता रहूंगा.

मुस्लिम आरक्षण और बजट पर भी बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लगातार भाषणों में आरक्षण पर 50% की सीमा को हटाने और निजी क्षेत्र में आरक्षण बढ़ाने के कांग्रेस के घोषणापत्र के वादे को दोहराया. मोदी ने अपने भाषणों में आरोप लगाया है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी खेल समेत धर्म आधारित आरक्षण देगी.

उत्तर प्रदेश के घोसी में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इंडिया गठबंधन संविधान को फिर से लिखेगा और धर्म के आधार पर आरक्षण देगा. उन्होंने कहा कि सबसे पहले, INDI गठबंधन संविधान को बदल देगा और इसे इस तरह लिखेगा कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण दिया जाए. दूसरा, ये INDI लोग SC, ST, OBC को मिलने वाले आरक्षण को खत्म कर देंगे. तीसरा, वे धर्म के आधार पर पूरा आरक्षण मुसलमानों को दे देंगे.

आज सपा, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन की वोट बैंक की राजनीति इस स्तर तक गिर गई है. वे भारत के बहुसंख्यक समुदाय को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना चाहते हैं. इससे पहले उन्होंने ये भी दावा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह अपने बजट का 15 प्रतिशत मुसलमानों के लिए आवंटित करेगी.

मोदी के बयानों से NDA की 'साइलेंट सपोर्टर्स' मुस्लिम महिलाएं भी नाराज?

इसके अलावा, दावा किया जा रहा है कि हमेशा से भाजपा और एनडीए की साइलेंट सपोर्टर रहीं मुस्लिम महिलाओं ने भी 2024 के चुनाव में किनारा कर लिया. मुस्लिम पुरुष मतदाताओं के साथ-साथ महिलाओं ने भी एकतरफा इंडिया गठबंधन को सपोर्ट कर दिया. इसके पीछे की वजह भी पीएम मोदी के लगातार मुसलमानों पर किए गए हमले ही बताए जा रहे हैं.