जापान के पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा इन दिनों एक वायरल वीडियो की वजह से चर्चा में हैं. वीडियो में वह किसी बड़े मंच या सरकारी कार्यक्रम में नहीं, बल्कि चिबा के मिनामी-फुनाबाशी रेलवे स्टेशन के बाहर यात्रियों को पर्चे बांटते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि स्टेशन पर लोगों से सीधे संपर्क करने का यह तरीका नोडा के लिए नया नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह करीब 40 साल से इस तरह लोगों के बीच जाकर पर्चे बांटते आ रहे हैं.
18 सितंबर को नोडा मिनामी-फुनाबाशी स्टेशन पर सुबह करीब 6:30 बजे से 8:30 बजे तक मौजूद रहे. उनके आधिकारिक कार्यक्रम में भी इस गतिविधि का उल्लेख किया गया था. इस दौरान वह आने-जाने वाले यात्रियों को पर्चे देते नजर आए. कुछ लोगों ने उन्हें पहचानकर अभिवादन किया और पर्चे लिए, जबकि कई लोग बिना रुके आगे निकल गए.
नोडा के सितंबर 2026 के कार्यक्रम में दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी सुबह के समय इसी तरह की गतिविधियां दर्ज हैं. उनकी आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, फिलहाल इन कार्यक्रमों में भाषण देने के बजाय पर्चे बांटने पर जोर है. रिपोर्ट्स के अनुसार नोडा जिन पर्चों को लोगों के बीच बांट रहे थे, उनमें आपदा बीमा, बच्चों के लिए सहायता और प्रीफेक्चर में सुधार जैसे मुद्दों का उल्लेख था. यानी उनका मकसद केवल लोगों का अभिवादन करना नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों से जुड़ी जानकारी सीधे यात्रियों तक पहुंचाना भी था.
नोडा का स्टेशन पर पर्चे बांटने का सिलसिला करीब चार दशक पुराना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 1986 में यह काम शुरू किया था, जब वह राष्ट्रीय राजनीति में आने से काफी पहले राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे. इसके बाद वह चिबा की स्थानीय राजनीति से आगे बढ़कर जापान की संसद तक पहुंचे. नोडा 2 सितंबर 2011 से 26 दिसंबर 2012 तक जापान के प्रधानमंत्री रहे. प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद भी उन्होंने लोगों से सीधे संपर्क की अपनी इस शैली को जारी रखा.
नोडा के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जापान की राजनीतिक संस्कृति और नेताओं के आम लोगों से सीधे संपर्क को लेकर चर्चा हो रही है. वीडियो में कुछ यात्री उन्हें पहचानते और सम्मान के साथ पर्चा लेते दिखाई देते हैं, जबकि कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाते और आगे बढ़ जाते हैं.
नोडा का हालिया स्टेशन कार्यक्रम किसी अचानक किए गए प्रदर्शन के बजाय उनके आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा था. सितंबर में अलग-अलग स्टेशनों पर सुबह के समय ऐसे कई कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं. इस तरह, एक पूर्व प्रधानमंत्री का व्यस्त रेलवे स्टेशन पर आम यात्रियों के बीच खड़े होकर पर्चे बांटना भले ही सोशल मीडिया पर असामान्य दृश्य लग रहा हो, लेकिन नोडा के राजनीतिक सफर में यह करीब 40 साल से चली आ रही गतिविधि का हिस्सा है.