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दक्षिण कोरिया पर मंडराया नया संकट, स्कूलों में एडमिशन के लिए नहीं मिल रहे बच्चे, जानें क्यों?

दक्षिण कोरिया में घटती जन्मदर के कारण प्राथमिक स्कूलों में नए दाखिले लगातार कम हो रहे हैं. 2027 में पहली बार यह संख्या तीन लाख से नीचे जा सकती है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दक्षिण कोरिया पर मंडराया नया संकट, स्कूलों में एडमिशन के लिए नहीं मिल रहे बच्चे, जानें क्यों?
Courtesy: pinterest

दक्षिण कोरिया में लगातार घटती जन्मदर का असर अब स्कूलों पर भी दिखाई देने लगा है. देश में 2027 के शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक स्कूलों की पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या पहली बार तीन लाख से नीचे रहने का अनुमान है. इससे देश की बदलती जनसंख्या और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है.

कोरियन स्टैटिस्टिकल इन्फॉर्मेशन सर्विस और कोरियन एजुकेशनल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में जन्मे बच्चों की संख्या इतनी कम है कि 2027 में स्कूलों में उनके दाखिले तीन लाख से नीचे रह सकते हैं. गौर करने वाली बात है कि नए दाखिले चार लाख से नीचे आने के महज तीन साल बाद यह आंकड़ा तीन लाख से भी कम होने जा रहा है.

1964 के बाद सबसे कम रहे नए एडमिशन

दक्षिण कोरिया के डेटा एवं सांख्यिकी मंत्रालय के मुताबिक, 2020 में देश में 2,72,337 बच्चों का जन्म हुआ था. यह संख्या 2019 के मुकाबले 10 प्रतिशत कम थी.
इस साल प्राथमिक स्कूलों की पहली कक्षा में 3,01,442 बच्चों ने दाखिला लिया. 1964 में आंकड़े जुटाने की शुरुआत के बाद यह सबसे कम संख्या है. अगले साल नए दाखिले तीन लाख से नीचे रहने का अनुमान है. इसकी तुलना में 1968 में पहली कक्षा में करीब 10.5 लाख बच्चों ने प्रवेश लिया था. यानी 2027 में दाखिलों की संख्या उस समय के मुकाबले लगभग एक-चौथाई रह सकती है.

ग्रामीण इलाकों में स्कूल बंद होने का खतरा

स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चों की घटती संख्या से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल बंद होने की आशंका बढ़ गई है. इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों के बीच शिक्षा की सुविधाओं में असमानता बढ़ने की चिंता भी जताई जा रही है. अनुमानों के मुताबिक, 2030 तक प्राथमिक स्कूलों में नए दाखिले घटते रहेंगे. हालांकि, 2024 में जन्मदर में सुधार के बाद दाखिलों की संख्या दो लाख से ऊपर बने रहने की उम्मीद है.

जन्मदर में सुधार के मिले संकेत

दक्षिण कोरिया में 2024 में 2,38,317 बच्चों का जन्म हुआ था. 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,54,341 हो गई. लगातार कई वर्षों तक गिरावट के बाद जन्म के आंकड़ों में आई यह बढ़ोतरी राहत का संकेत है. हालांकि, इसका असर स्कूलों में दाखिले पर दिखने में अभी समय लगेगा.

बहुसांस्कृतिक विवाहों में मामूली गिरावट

इस बीच, दक्षिण कोरिया में बहुसांस्कृतिक विवाहों की संख्या में भी 2025 के दौरान मामूली कमी आई. पिछले साल ऐसे 21,399 विवाह हुए, जबकि 2024 में यह संख्या 21,450 थी. यानी सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत या 51 विवाह कम हुए. कुल विवाहों में इनकी हिस्सेदारी 8.9 प्रतिशत रही.

इनमें 71.4 प्रतिशत विवाह विदेशी पत्नियों वाले थे. विदेशी पतियों वाले विवाहों की हिस्सेदारी 18.9 प्रतिशत और नागरिकता हासिल कर चुके लोगों से जुड़े विवाहों की हिस्सेदारी 9.7 प्रतिशत रही.

वियतनामी पत्नियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

पहली शादी के समय पतियों की औसत उम्र 37.1 साल और पत्नियों की 29.7 साल थी. 75.2 प्रतिशत बहुसांस्कृतिक विवाहों में पति की उम्र पत्नी से अधिक थी. वहीं, 36.1 प्रतिशत विवाहों में दोनों की उम्र का अंतर कम से कम 10 साल था.

बहुसांस्कृतिक विवाहों में वियतनामी पत्नियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 25.3 प्रतिशत रही. इसके बाद चीनी पत्नियों की 15.1 प्रतिशत और थाई पत्नियों की 9.2 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. विदेशी पतियों में अमेरिकी नागरिकों की हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत, चीनी नागरिकों की 5.6 प्रतिशत और वियतनामी नागरिकों की 3.6 प्रतिशत रही.

तलाक बढ़े, बच्चों की संख्या घटी

आंकड़ों के मुताबिक, बहुसांस्कृतिक दंपतियों के बीच तलाक के मामले 2025 में सालाना आधार पर 1.4 प्रतिशत बढ़कर 8,104 हो गए. वहीं, ऐसे परिवारों में जन्मे बच्चों की संख्या 0.5 प्रतिशत घटकर 13,347 रह गई.