उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है. एक तरफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को प्रदेश सरकार को 3 महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया था तो दूसरी तरफ पंचायत चुनावों में सबसे बड़ा रोड़ा ओबीसी आरक्षण का पेंच बनता जा रहा है. समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट अभी तक पूरी नहीं हुई है और अब इस बात की संभावना जताई जा रही है कि आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में तीन महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है. ऐसे में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर कैसे अमल होगा, देखें हमारी पूरी रिपोर्ट...