नई दिल्ली: फोन चार्जिंग को लेकर कई बातें ऐसी हैं, जिनके बारे में लोगों को गलतफहमी हो जाती है. कई लोग फोन को रात में चार्ज पर लगाकर सो जाते हैं, उन्हें लगता है कि सुबह में बैटरी फुल मिलेगी, तो अच्छा लगेगा. 100% बैटरी देखकर थोड़ी देर के लिए तो अच्छा लगता है, लेकिन लंबे समय का सोचे तो फोन की बैटरी हेल्थ खराब हो सकती है. हालांकि, आपको ये भी बता दें कि ओवरनाइट चार्जिंग से बैटरी हेल्थ पर तो असर पड़ता ही है, लेकिन वैसा नहीं जैसा सोशल मीडिया पर कुछ खुद को विशेषज्ञ मानने वाले लोग बताते हैं.
ओवरचार्जिंग के बारे में ये बात जानना जरूरी है: आज के समय में स्मार्टफोन पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं. फिर चाहें वो आईफोन हो या सैमसंग… आजकल ज्यादातर डिवाइस बैटरी पूरी चार्ज होने पर चार्जिंग रोक देते हैं. एप्पल खुद कहता है कि iPhone 100% पर चार्जिंग अपने आप रोक देते हैं. फिर जैसे ही बैटरी लेवल थोड़ा कम होता है, तो चार्जिंग फिर से शुरू हो जाती है.
कंपनी ऑप्टिमाइज्ड बैटरी चार्जिंग नाम की सुविधा भी देती है, जो आपके रोजाना के रूटीन को समझने का काम करती है. यह फीचर 80% से ज्यादा चार्जिंग को तब तक रोककर रखती है जब तक कि आपके उठने का समय न हो जाए. ऐसे में आपका फोन ओवरचार्जिंग से बच जाता है. 100% तक पहुंचने पर यह रुक जाता है.
ओवरनाइट चार्जिंग को लेकर एक सवाल और आता है कि क्या इससे बैटरी जल्दी खराब हो जाती है. इसका जवाब हम आपको देते हैं. आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है, जो समय के साथ स्वाभाविक रूप से खराब होने लगती हैं. Apple का कहना है कि बैटरी की उम्र चार्जिंग की आदतों पर काफी निर्भर करती है. सिर्फ इस पर ही नहीं बल्कि टेम्प्रेचर और केमिकल एजिंग जैसी चीजों पर भी यह निर्भर करता है.
कई लोग फोन के टेम्प्रेचर को नजरअंदाज कर देते हैं. एप्पल यह सुझाव देता है कि चार्जिंग के दौरान फोन का तापमान 16°C से 22°C के बीच रखा जाए. अगर इससे ज्यादा टेम्प्रेचर जाता है तो बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए फोन का सॉफ्टवेयर चार्जिंग को ऑटोमैटिकली लिमिट कर देता है. इसका सीधा मतलब है कि रातभर फोन को अगर आप कंबल या तकिए के नीचे रखकर चार्ज कर रहे हैं, तो इससे यह ओवरहीट हो सकता है. रात भर लंबे समय तक चार्जिंग के दौरान वायरलेस चार्जिंग से वायर्ड चार्जिंग की तुलना में ज्यादा हीट जनरेट होती है.
एप्पल के अलावा एंड्रॉइड भी बैटरी को सेफ रखने के लिए कई टूल उपलब्ध कराता है. Samsung की बात करें तो यह Battery Protect, Google के फोन Adaptive Charging और Xiaomi में ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग सिस्टम दिया गया होता है, जो आपकी चार्जिंग आदतों के आधार पर चार्जिंग को स्लो कर देता है.
हम ये तो नहीं कहेंगे कि आपको इसे पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. अगर आप कुछ बातों का ख्याल रखेंगे तो आपके फोन की बैटरी सही बनी रहेगी.
सुनिश्चित करें कि आपने ऑप्टिमाइज्ड या एडेप्टिव चार्जिंग चालू कर रखी है
चार्जिंग के दौरान फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें
इसे ठंडी और हवादार जगह पर रखें
असली या भरोसेमंद चार्जर का इस्तेमाल करें
आपको 100% तक चार्ज करने की जरूरत नहीं है. लिथियम-आयन बैटरी असल में हर बार पूरी तरह चार्ज होने के बजाय थोड़ा-थोड़ा चार्ज होना ज्यादा पसंद करती हैं. रात भर फोन को प्लग-इन छोड़ने से बैटरी अचानक खराब नहीं होगी. लेकिन लगातार हीट होने के साथ धीरे-धीरे कर कम हो सकती है.