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जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर नहीं चलेगा बुलडोजर, कमिश्नर ने लगाई रोक

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत मिली है. मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर ने विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. अब मामले की सुनवाई बाद में होगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर नहीं चलेगा बुलडोजर, कमिश्नर ने लगाई रोक
Courtesy: social media

उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को फिलहाल राहत मिल गई है. मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर ने रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. इस फैसले से विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई फिलहाल टल गई है और अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनी रहेगी.

ध्वस्तीकरण आदेश पर लगी अंतरिम रोक

रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था. इस आदेश के खिलाफ विश्वविद्यालय की ओर से अपील की गई, जिस पर मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर ने अंतरिम राहत प्रदान की. शोक अवकाश के कारण निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके बाद कमिश्नर ने जिलाधिकारी और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश पर कोई कार्रवाई न की जाए. अब इस मामले में अंतिम फैसला आगामी सुनवाई के बाद होगा.

सपा ने जताया समर्थन, तंजीन फातिमा का बयान

इस बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने कहा कि पार्टी शुरू से ही जौहर यूनिवर्सिटी के साथ खड़ी है. उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जल्द रामपुर आकर छात्रों से मुलाकात करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया को उनके बयानों को संदर्भ से हटाकर पेश नहीं करना चाहिए. उनके अनुसार, विश्वविद्यालय और छात्रों के समर्थन में पार्टी लगातार सक्रिय है.

कानूनी लड़ाई जारी रखने की तैयारी

डॉ. तंजीन फातिमा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि फैसला विश्वविद्यालय के पक्ष में आएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा. विश्वविद्यालय को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग पर उन्होंने कहा कि संविधान अल्पसंख्यकों को अपने शिक्षण संस्थान स्थापित करने और संचालित करने का अधिकार देता है, इसलिए इस विषय पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होगा.