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India Daily

आ गया PAN 2.0…! स्कैमर्स को करारा जवाब देने के लिए सिस्टम होगा पेपरलैस

PAN 2.0: CCEA ने PAN 2.0 प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर स्कैमिंग को खत्म करने और पूरे सिस्टम को पेपरलेस करने के प्रोसेस को प्रोत्साहित किया है. इसका उद्देश्य PAN का गलत इस्तेमाल रोकना और इनकम टैक्स सिस्टम को पूरी तरह पेपरलेस बनाना है. 

Shilpa Shrivastava
आ गया PAN 2.0…! स्कैमर्स को करारा जवाब देने के लिए सिस्टम होगा पेपरलैस

PAN 2.0: केबिनेट कमेटी ऑन इकॉनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की तरफ से आखिरकार PAN 2.0 प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है जिसके तहत PAN को कॉमन बिजनेस आइडेंटिफायर के तौर पर अपनाया जाएगा. इसका सीधा मतलब है कि अब PAN कार्ड का इस्तेमाल केवल इनकम टैक्स के काम ही नहीं बल्कि अन्य कई बिजनेस और सरकारी काम किए जा सकेंगे. इसके तहत पैन कार्ड को एक सिक्योर  डिजिटल आइडेंटीटी के तौर पर डेवलप किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य पैन का गलत इस्तेमाल होने से बचाना है. 

बता दें कि इस प्रोजेक्ट पर 1,435 करोड़ रुपये खर्च होंगे. अब अगर आपको लग रहा है कि यह खर्च आप पर भी पड़ सकता है तो ऐसा नहीं है. इसका कोई अतिरिक्त खर्च उन व्यक्तियों पर नहीं पड़ेगा, जिनके पास पहले से PAN कार्ड है. मौजूदा PAN धारकों को अपग्रेडेड कार्ड मिलेगा, जिसमें QR कोड मौजूद होगा. पैन का गलत इस्तेमाल होने से बचाना तो इसका उद्देश्य है ही और साथ ही इनकम टैक्स सिस्टम को पूरी तरह से पेपरलेस और ऑनलाइन बनाना भी फोकस है. इससे लोगों को सर्विसेज तेजी से मिलेंगे. इन सभी के अलावा ग्रीवेंस रेड्रेसल पर भी जोर दिया जाएगा जिससे लोगों की समस्याओं को जल्दी निपटाने में मदद मिलेगी. 

आधिकारिक बयान के अनुसार, PAN 2.0 प्रोजेक्ट एक जरूरी बदलाव होगा, जो टैक्सपेयर्स की रजिस्ट्रेशन सर्विसेज को आसान और तेज बनाएगा. इसके तहत PAN, TAN और TIN को इंटीग्रेट किया जाएगा और पूरे सिस्टम को एडवांस टेक्नोलॉजी के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा. यह कदम बिजनेस वर्ल्ड और इंडस्ट्री की मांग को देखते हुए उठाया गया है, जिसमें कई अलग-अलग नंबरों को रखने की बजाय एक ही नंबर का इस्तेमाल किया जा सके.

अब तक लगभग 78 करोड़ PAN कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 98% कार्ड पर्सनल यूजर्स को जारी किए गए हैं. पुराने PAN कार्ड के इस्तेमाल में कई बार धोखाधड़ी और सिक्योरिटी को लेकर परेशानियां आती हैं. खासतौर से जब लोग अपनी PAN कार्ड की फोटोकॉपी सर्विस प्रोवाइडर्स या एजेंसियों को देते हैं.