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India Daily

Budget 2026: भारत बनेगा ग्लोबल टेक हब, AI और सेमीकंडक्टर के लिए सरकार ने खोला खजाना

बजट में ऑरेंज इकोनॉमी से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए कई अहम डेवलपमेंट और प्रस्तावों पर जोर दिया गया.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
Budget 2026: भारत बनेगा ग्लोबल टेक हब, AI और सेमीकंडक्टर के लिए सरकार ने खोला खजाना
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नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार अपना नौवां बजट पेश किया. इस बजट में ऑरेंज इकोनॉमी से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए कई अहम डेवलपमेंट और प्रस्तावों पर जोर दिया गया. इसमें सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स और बहुत कुछ शामिल है. यहां टेक्नोलॉजी और AI सेगमेंट के तहत सात अहम घोषणाएं हैं जिनके बारे में आपको जानना चाहिए.

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार बजट 2026 में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के लिए ₹40,000 हजार करोड़ रुपए आवंटित करेगी. यह ध्यान देने वाली बात है कि पिछले साल इस स्कीम के लिए शुरुआती तौर पर ₹22,919 करोड़ आवंटित किए गए थे.

ISM 2.0 की घोषणा

खास बात यह है कि सरकार इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) का दूसरा चरण लॉन्च करेगी. ISM 2.0 के तहत, सरकार मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट और मटीरियल, फुल-स्टैक इंडियन IP डिजाइन करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर ध्यान देगी. वित्त मंत्री ने कहा कि हम टेक्नोलॉजी और कुशल वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री के नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी ध्यान देंगे.

15,000 कंटेंट लैब की घोषणा

सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि केंद्र भारत के AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) सेक्टर को सपोर्ट करेगा. FM के अनुसार, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई, सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों में 15,000 कंटेंट लैब स्थापित करेगा.

डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स हॉलिडे

डेटा सेंटर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की है. बशर्ते ये सेवाएं भारतीय वेंडर्स के माध्यम से दी जाएं.

IT सेवाओं के लिए बढ़ी हुई लिमिट

IT सेक्टर के लिए सरकार ने IT सेवाओं की लिमिट ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ करने की घोषणा की है. बजट में डिजिटल सेवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के समान कैटेगरी में शामिल करने का उल्लेख है, जिसमें 15.5% का स्टैंडर्ड सेफ हार्बर मार्जिन होगा.

विभिन्न सेक्टरों के लिए AI डेवलपमेंट

सरकार ने सभी के लिए कई लाभों की भी घोषणा की, जिसमें अपने खेतों में स्मार्ट टूल का इस्तेमाल करने वाले किसानों और STEM करियर में आने वाली महिलाओं से लेकर नए कौशल सीखने वाले युवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को अधिक अवसर मिलना शामिल है. इस कोशिश को तेज करने के लिए बजट में AI मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, नेशनल रिसर्च फंड, और रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन फंड जैसी पहलों के ज़रिए उभरती टेक्नोलॉजी को सपोर्ट देने की घोषणा की गई. 

भारत-GPT लॉन्च करने का प्रस्ताव

सरकार ने भारत-GPT लॉन्च करने का प्रस्ताव दिया, जो एक मल्टीलिंगुअल AI टूल है जो AgriStack पोर्टल और ICAR पैकेज ऑफ़ प्रैक्टिसेज़ को AI सिस्टम के साथ इंटीग्रेट कर सकता है. दावा किया गया है कि इससे एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी. कस्टमाइज़्ड एडवाइजरी सपोर्ट देकर जोखिम कम होगा.

इंटीग्रेटेड डिजिटल नॉलेज

सभी महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को डिजिटल रूप से डॉक्यूमेंट करने के लिए एक नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित किया जाएगा. यह पहल स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए नौकरियों का एक नया इकोसिस्टम बनाएगी.

शिक्षा और कौशल विकास का आधुनिकीकरण

भारत की ऑरेंज इकोनॉमी की क्षमता पर जोर देते हुए सीतारमण ने कहा कि देश का एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और अनुमान है कि 2030 तक इसे दो मिलियन प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. इस मांग को पूरा करने के लिए, बजट में मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ को 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव दिया गया. 

विज्ञान में रुचि को प्रोत्साहित करना लक्ष्य

इमर्सिव अनुभवों के माध्यम से एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी जैसे ग्रहों के विज्ञान में रुचि को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप और नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप की स्थापना. साथ ही हिमालयन चंद्र टेलीस्कोप और COSMOS2 तारामंडल के अपग्रेड की घोषणा की गई. बजट भाषण में एग्रीकल्चर, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य नई-युग की टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन को भी बढ़ावा दिया गया.