नई दिल्ली: रविवार को पेश हुए आम बजट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. जहां सत्ता पक्ष इसे मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम बता रहा है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे आम लोगों की समस्याओं से दूर बताया. सांसद शशि थरूर ने बजट को बेरोजगारी और मध्यम वर्ग की अनदेखी का प्रतीक कहा. उन्होंने कहा कि नौकरियां न होने से पढ़े-लिखे युवा छोटे पदों के लिए भीड़ लगा रहे हैं. थरूर ने वित्त मंत्री पर क्रिकेट के अंदाज में तंज कसा कि वह बड़े मुद्दों पर चूक गईं. बजट में रोजगार सृजन पर कोई ठोस योजना न होने से विपक्ष नाराज है.
थरूर ने कहा कि देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है, खासकर शिक्षित युवाओं के लिए. रेलवे या पुलिस की छोटी नौकरियों के लिए हजारों आवेदन आ रहे हैं, जहां स्नातक और डॉक्टरेट धारक भी शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में इस मुद्दे को नजरअंदाज किया गया, जबकि रोजगार पैदा करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखी.
कांग्रेस नेता ने राजकोषीय घाटे पर सरकार की तारीफ को खारिज किया. उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के 3.5 प्रतिशत लक्ष्य की याद दिलाई और कहा कि मौजूदा आंकड़े उससे काफी ऊपर हैं. थरूर ने आम आदमी की जेब पर जोर देते हुए कहा कि क्रेडिट कार्ड कर्ज बढ़ रहा है, जो आर्थिक दबाव दिखाता है.
थरूर ने वित्त मंत्री पर क्रिकेट शैली में व्यंग्य किया. उन्होंने कहा कि मंत्री गेंद खेलने से चूक गईं और बल्ले का किनारा भी मुश्किल से लगा. बजट में विशेष बातें कम हैं और समग्र सोच की कमी है. थरूर ने इसे खुशी देने वाला नहीं बताया.
उन्होंने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग और राज्यों के लिए कुछ नहीं है. राजकोषीय विकेंद्रीकरण 41 प्रतिशत पर ही अटका है, जिससे राज्य अपनी जिम्मेदारियां निभाने में परेशान हैं. केरल का उदाहरण देते हुए थरूर ने कहा कि आयुर्वेद संस्थान की घोषणा हुई, लेकिन जगह नहीं बताई गई. थरूर ने जोर दिया कि सबसे बड़ा सवाल रोजगार का है, लेकिन बजट में इस पर कोई ध्यान नहीं. उन्होंने कहा कि नई योजनाओं के बारे में विवरण कम हैं, जैसे क्या और कहां स्थापित होगा. कांग्रेस नेता ने बजट को दृष्टि रहित बताते हुए कहा कि यह आम लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं.