नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया. इसमें कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जिनमें भारत में बैटरी बनाना और टेक्नोलॉजी/क्लाउड सेवाओं का कारोबार करना शामिल है. इन दोनों में क्या-क्या बदलाव किए जाएंगे, इससे क्या फायदा होगा और क्या राहत मिलेगी, चलिए जानते हैं.
सरकार ने एक खास नियम जारी रखने का फैसला किया है जो कंपनियों को मशीनों और डिवाइसेज पर बेसिक कस्टम ड्यूटी देने से छूट देता है. इन मशीनों का इस्तेमाल लिथियम-आयन सेल बनाने के लिए किया जाता है. इस सेल के कुछ मुख्य हिस्से होते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), मोबाइल फोन, लैपटॉप और बड़े एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को पावर देते हैं. पहले, यह टैक्स छूट सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों और दूसरे छोटे डिवाइसेज के लिए बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के लिए थी.
अब, वित्त मंत्री ने कहा कि वो यही टैक्स-फ्री फायदा उन मशीनों को भी देंगे, जिनका इस्तेमाल लिथियम-आयन सेल बनाने के लिए किया जाता है. बता दें कि ये बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में लगती हैं. ये बड़ी बैटरी सेटअप होते हैं, जो सोलर पैनल या विंड एनर्जी से बिजली स्टोर करते हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि जब सूरज नहीं होता है या फिर हवा नहीं चल रही होती है तो ये बिजली सप्लाई करते हैं.
#UnionBudget2026 | Union FM Nirmala Sitharaman says, "I propose to extend the basic customs duty exemption given to capital goods used for manufacturing lithium-ion cells for batteries to those used for manufacturing lithium-ion cells for battery energy storage systems also. I… pic.twitter.com/sxhFxOewI6
— ANI (@ANI) February 1, 2026
अहम मशीनों पर यह आयात शुल्क हटाने से भारतीय कंपनियों के लिए इन एडवांस्ड बैटरी सेल बनाने वाली फैक्ट्रियां लगाना और भी सस्ता हो जाएगा. इसके साथ ही इनका विस्तार भी किया जा सकेगा. जब प्रोडक्शन कॉस्ट कम होगी, तो कंपनियां आयात करने के बजाय भारत में ही ज्यादा सं ज्यादा बैटरी बना पाएंगी. इससे कॉस्ट तो कम होगी ही और भारत में नौकरियों की भरमार भी होगी.
इसमें दूसरा बड़ा बदलाव टैक्स को आसान बनाना और भारतीय फैक्ट्रियों की मदद करना शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि बजट पूरी कस्टम ड्यूटी और एक्साइज टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है. इसका फोक्स भारत के अंदर फैक्ट्रियों को बढ़ने में मदद करना है. साथ ही भारतीय प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट में ज्यादा कॉम्पेटेटिव बनाना है. साथ ही फिनिश्ड गुड्स और रॉ मैटेरियल्स कील समस्याओं को ठीक करना है. चीजों को आसान बनाने के लिए, सरकार कुछ पुरानी टैक्स छूट हटा देगी जिनकी अब जरूरत नहीं है
इस बजट में तीसरा बदलाव क्लाउड कंपनियों के लिए होगा. क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक फायदा मिलेगा. वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि कोई भी विदेशी कंपनी जो दुनिया भर के कस्टमर्स को क्लाउड सर्विस की सुविधा देती है और भारत में मौजूद डाटा सेंटर का इस्तेमाल करती है, उसे साल 2047 तक पूरी टैक्स छूट मिलेगी. देखा जाए तो यह एक लंबा समय है. सीधा मतलब है 20 साल से ज्यादा तक जीरो टैक्स देना.