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बिना नेटवर्क कैसे लगती है इमरजेंसी कॉल? समझें 100 और 112 नंबर का राज

अगर आपके फोन में नेटवर्क नहीं है, फिर भी आप इमरजेंसी में मदद मांग सकते हैं. कई बार लोग सोचते हैं कि सिग्नल जीरो होने पर फोन बेकार हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. 100 (पुलिस) और 112 (इमरजेंसी) नंबर बिना नेटवर्क के भी काम करते हैं.

Shilpa Shrivastava
बिना नेटवर्क कैसे लगती है इमरजेंसी कॉल? समझें 100 और 112 नंबर का राज
Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: अगर आपके फोन में नेटवर्क नहीं है, फिर भी आप इमरजेंसी में मदद मांग सकते हैं. कई बार लोग सोचते हैं कि सिग्नल जीरो होने पर फोन बेकार हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. 100 (पुलिस) और 112 (इमरजेंसी) नंबर बिना नेटवर्क के भी काम करते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ऐसा कैसे होता है. जब आप इमरजेंसी नंबर डायल करते हैं तो आपका फोन खास तरीके से काम करता है. फोन अपने आस-पास सबसे नजदीकी मोबाइल टावर को ढूंढता है. भले ही आपके सिम कार्ड की कंपनी का टावर न हो, फिर भी फोन उस टावर से कनेक्ट हो जाता है. 

फोन में लगा एंटीना और इंटरनल सिस्टम एक खास इमरजेंसी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है. इसमें सिम कार्ड या रिचार्ज की जरूरत नहीं पड़ती. जैसे ही आप 100, 112 या 108 डायल करते हैं, फोन अपने आप इमरजेंसी मोड में चला जाता है.  इस मोड में फोन आपकी लोकेशन (स्थान) भी इमरजेंसी सेवाओं को भेज देता है. इससे पुलिस, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को आप तक जल्दी पहुंचना आसान हो जाता है.

टेक्नोलॉजी और नियम दोनों काम करते हैं:

टेक्नोलॉजी की भूमिका की बात करें तो फोन नजदीकी टावर या वाई-फाई सिग्नल की मदद लेता है. अगर आपके आस-पास टावर है तो कॉल लग जाती है. नियमों की भूमिका की बात करें तो सरकार के नियम के अनुसार हर मोबाइल कंपनी को इमरजेंसी कॉल्स को सबसे पहले प्राथमिकता देनी होती है. अगर नेटवर्क फुल है तो भी सामान्य कॉल काटकर इमरजेंसी कॉल पास की जाती है.

इन बातों का ध्यान रखना है जरूरी:

आपके आस-पास मोबाइल टावर होना बहुत जरूरी है. अगर जंगल, पहाड़ या दूर-दराज इलाके में कई किलोमीटर तक कोई टावर नहीं है तो इमरजेंसी कॉल लगना मुश्किल हो सकता है. विदेश में घूमते समय लोकल सिम या रोमिंग एक्टिवेट किए बिना इमरजेंसी कॉल नहीं लग पाएगी. आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में SOS या Emergency SOS बटन भी होता है, जो बिना अनलॉक किए काम करता है. इस सुविधा की वजह से कई लोगों की जान बच चुकी है. इसलिए हर किसी को 112 और 100 नंबर याद रखना चाहिए. इमरजेंसी में घबराएं नहीं, तुरंत इन नंबर्स पर कॉल करें.