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इंटरनेट बंद फिर भी चालू रहा कनेक्शन, CJP प्रदर्शन में ‘सीक्रेट ऐप’ का खेल आया सामने!

जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा में प्रदर्शनकारियों द्वारा एक खास तरह के मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल की बात सामने आई है.

Shilpa Shrivastava
इंटरनेट बंद फिर भी चालू रहा कनेक्शन, CJP प्रदर्शन में ‘सीक्रेट ऐप’ का खेल आया सामने!
Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा में प्रदर्शनकारियों द्वारा एक खास तरह के मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, यह ऐप इतना खास था कि सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई.

जानकारी के मुताबिक, यह ऐप ब्लूटूथ तकनीक पर काम करती है. इसका मतलब है कि इसमें इंटरनेट की जरूरत नहीं होती. यानी जब इंटरनेट बंद था, तब भी लोग आपस में आसानी से बात कर पा रहे थे. पुलिस को शक है कि इसी ऐप की मदद से प्रदर्शन के दौरान लोग एक-दूसरे से जुड़े रहे और आपस में जानकारी शेयर करते रहे.

पुलिस कर रही इस ऐप की जांच:

दिल्ली पुलिस अब इस ऐप की जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे किसने बनाया और इसका इस्तेमाल किस तरह किया गया. इसके लिए ऐप बनाने वाली कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर्स से भी जानकारी ली जा सकती है. 

चल रही मामले की जांच:

बताया जा रहा है कि ‘संसद चलो’ मार्च में हजारों लोग शामिल हुए थे. लेकिन बाद में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की. जांच में यह भी सामने आया है कि शुरुआत में भीड़ जुटाने के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल किया गया था. लेकिन जब हालात बिगड़े और इंटरनेट बंद हो गया, तब ब्लूटूथ ऐप के जरिए लोग संपर्क में रहे.

वायरल वीडियो की मदद से की जा रही जांच:

पुलिस के पास करीब 150 वायरल वीडियो भी हैं, जिनकी मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. खासकर पत्थर फेंकने वाले और पुलिस पर हमला करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है. वहीं, पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन में कुछ बाहरी असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे. ये लोग छात्रों के बीच छिपकर अचानक हमला कर देते थे, जिससे हालात और बिगड़ जाते थे. स्थिति को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं.