नई दिल्ली: आजकल ज्यादातर लोग टीडब्ल्यूएस ईयरबड्स, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ स्पीकर या कार स्टीरियो से फोन कनेक्ट करने के बाद ब्लूटूथ बंद करना भूल जाते हैं. यह छोटी-सी लापरवाही आपको साइबर क्रिमिनल्स का आसान शिकार बना सकती है. खासतौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर ब्लू बगिंग नाम का साइबर अटैक बढ़ता जा रहा है.
ब्लू बगिंग की बात करें तो यह एक खतरनाक साइबर अटैक है जिसमें हैकर ब्लूटूथ का गलत फायदा उठाकर आपके फोन को एक्सेस करने की कोशिश करते हैं. जब आपका ब्लूटूथ लंबे समय तक ऑन रहता है और वह आसपास के दूसरे डिवाइस को दिखाई देता है (Visible Mode), तो हैकर आसानी से आपके फोन से कनेक्ट होने की कोशिश कर सकते हैं.
ब्लू बगिंग की मदद से जब कोई हैकर आपके फोन को एक्सेस कर लेता है तो वो आपके फोन के कॉल, मैसेज, संपर्क, फोटो और यहां तक कि बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच बना सकते हैं. यह अटैक चुपके से होता है, इसलिए पीड़ित को अक्सर पता भी नहीं चलता.
जो लोग ईयरबड्स, स्मार्टवॉच या स्पीकर इस्तेमाल करने के बाद ब्लूटूथ ऑफ नहीं करते.
रोज पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, कैफे और बाजार जाने वाले लोग.
जिनके फोन में बैंकिंग ऐप, OTP, निजी फोटो और महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं.
ऐसी जगहों पर हैकर आसानी से लक्ष्य ढूंढ लेते हैं जहां सैकड़ों लोग ब्लूटूथ ऑन रखे हुए होते हैं.
ब्लूटूथ हमेशा इस्तेमाल के बाद बंद करें.
ईयरबड्स, वॉच या स्पीकर का काम पूरा होते ही ब्लूटूथ स्विच ऑफ कर दें. यह सबसे आसान और सबसे प्रभावी तरीका है.
ब्लूटूथ विजिबिलिटी (Visibility) बंद रखें.
अगर ब्लूटूथ ऑन रखना जरूरी हो तो Make my device visible to all या Show to nearby devices वाला ऑप्शन बंद रखें. इससे अनजान डिवाइस आपके फोन को नहीं देख पाएंगे.
अज्ञात डिवाइस से कनेक्ट न करें.
फोन में कोई अनजाना ब्लूटूथ डिवाइस कनेक्ट होने की कोशिश करे तो तुरंत Reject करें.
फोन की सेटिंग्स नियमित चेक करें. आपको सेटिंग्स में जाकर Bluetooth में जाकर देखें कि कोई अनजाना डिवाइस कनेक्ट तो नहीं है.
आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसमें बैंक अकाउंट, UPI, निजी चैट, परिवार की फोटोज और काम की फाइलें रहती हैं. एक छोटी सी ब्लूटूथ सेटिंग की लापरवाही से आपका पूरा डेटा चोरी हो सकता है. साइबर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि छोटी-छोटी आदतें बदलने से बड़े खतरे से बचा जा सकता है. ब्लूटूथ इस्तेमाल पूरा होते ही उसे बंद करना अब जरूरी डिजिटल सुरक्षा की आदत बन गई है.