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India Daily

धामी सरकार का बड़ा कदम, उत्तराखंड के 27 उत्पादों की बढ़ी शान; जीआई टैग से दुनिया में बनेगी नई पहचान

उत्तराखंड सरकार के प्रयासों से राज्य के 27 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत होगी, किसानों और कारीगरों को नए बाजार मिलेंगे.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
धामी सरकार का बड़ा कदम, उत्तराखंड के 27 उत्पादों की बढ़ी शान; जीआई टैग से दुनिया में बनेगी नई पहचान
Courtesy: @pushkardhami X Account

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और अब तक राज्य के 27 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक यानी जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग प्राप्त हो चुका है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीआई टैग मिलने से उत्तराखंड के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों की अलग पहचान स्थापित हुई है. इससे न केवल इन उत्पादों की प्रामाणिकता को मान्यता मिली है, बल्कि राज्य के किसानों, कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसर भी खुले हैं.

उन्होंने आगे क्या बताया?

उन्होंने बताया कि जीआई टैग के कारण स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है और उन्हें देश तथा विदेश के नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है. इससे उत्पादकों को अपने सामान का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ी है, जिससे उनकी आय में सुधार होगा. साथ ही हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं.

क्या होगा इसका फायदा?

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक उत्पाद राज्य की पहचान हैं. सरकार इन धरोहरों को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनाने के लिए भी लगातार काम कर रही है. उनका कहना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य के और भी पारंपरिक उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे. इससे उत्तराखंड के स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी. सरकार का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा, पारंपरिक कला और विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देना है.