चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है. गंगोत्री से केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों की कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के लिए करीब 100 साल पुराने ऐतिहासिक पैदल मार्ग को मोटर रोड में बदलने की तैयारी शुरू हो चुकी है. इस नए रोड कॉरिडोर के बनने से श्रद्धालुओं का समय और श्रम दोनों बचेगा.
प्रस्तावित योजना के अनुसार, उत्तरकाशी के भटवाड़ी से बेलक, बूढ़ाकेदार और पंवालीकांठा होते हुए रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण तक 94.50 किमी लंबी सड़क बनाने का प्रस्ताव है, जिसे आगे गौरीकुंड से जोड़ा जाएगा. वर्तमान में गंगोत्री से केदारनाथ के बीच दूरी लगभग 350 किमी है. इस नए मार्ग के बनने से दूरी करीब 150 किमी कम हो जाएगी और 10-12 घंटे का सफर घटकर मात्र 5-6 घंटे रह जाएगा.
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, वर्तमान में 94.50 किमी सड़क का प्राथमिक प्रस्ताव तैयार किया गया है. विस्तृत तकनीकी सर्वे पूरा होने के बाद ही सड़क का अंतिम अलाइनमेंट, वास्तविक लंबाई और भूमि अधिग्रहण की जरूरतें स्पष्ट होंगी. सर्वे के जरिए ही यह तय किया जाएगा कि किन पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंगों, पुलों या सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाना आवश्यक है.
पहाड़ी भूभाग में सड़क निर्माण के लिए ढलान, भूस्खलन की संभावनाओं और पर्यावरणीय प्रभावों का गहन आकलन किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, यह परियोजना फिलहाल प्रस्ताव और सर्वेक्षण के चरण में है. केंद्र सरकार से सभी आवश्यक तकनीकी और वित्तीय मंजूरियां मिलने के बाद ही निर्माण कार्य को धरातल पर आगे बढ़ाया जाएगा.