प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत की पावन यात्रा का दूसरा चरण विधिवत रूप से आरंभ हो चुका है. यात्रा की शुरुआत के साथ ही देशभर से आए शिवभक्तों का सीमांत नगर धारचूला पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है. श्रद्धालु 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ अपने अगले पड़ाव के लिए बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं.
प्रशासन की ओर से पहले ही दिन 481 यात्रियों को इनर लाइन परमिट जारी किए गए. परमिट मिलने के बाद सभी श्रद्धालु गुंजी के लिए रवाना हो गए हैं. उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि पहले दिन जाने वाले यात्रियों में सबसे अधिक संख्या पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं की रही, जबकि गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में यात्री पहुंचे हैं.
करीब दो महीने के अंतराल के बाद यात्रा दोबारा शुरू होने से घाटी में चहल-पहल लौट आई है. धारचूला से लेकर गुंजी और कुटी तक के होटल व्यवसायियों, होमस्टे स्वामियों और टूर ऑपरेटरों के चेहरे खिल उठे हैं. इस यात्रा से सीमांत क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
उल्लेखनीय है कि आदि कैलाश यात्रा का पहला चरण 1 मई से 1 जुलाई तक सफलतापूर्वक संचालित हुआ था, जिसमें 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. अब दूसरे चरण में भी भारी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना है.