उत्तराखंड सरकार ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है. श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गढ़वाल मंडल के चयनित 69 सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे समावेशी शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे.
विद्यालयी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए. चयनित शिक्षकों में पौड़ी के 21, टिहरी गढ़वाल के 17, चमोली और देहरादून के 9-9, उत्तरकाशी के 8, रुद्रप्रयाग के 4 और हरिद्वार का 1 शिक्षक शामिल है. समारोह में अधिकारियों और शिक्षकों के परिजन भी मौजूद रहे.
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं. उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारना हर शिक्षक का सबसे बड़ा दायित्व है.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य हर बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुंचाना है.
डॉ. रावत ने विश्वास जताया कि विशेष शिक्षक दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शैक्षणिक तथा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों के प्रयासों से समावेशी शिक्षा को और मजबूती मिलेगी तथा बच्चों को आत्मनिर्भर बनने का बेहतर अवसर मिलेगा.
सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों से विद्यालयों में विशेष शिक्षा की व्यवस्था और प्रभावी होगी. इससे बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. विभाग ने उम्मीद जताई कि सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे.