उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को चौबीसों घंटे सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निर्देश के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की स्थिति की समीक्षा की.
सीएम धामी से मिले निर्देश के बाद बैठक में वर्षा की वर्तमान स्थिति, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों और संवेदनशील क्षेत्रों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ते ही तुरंत कार्रवाई करें.
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 10 जुलाई के लिए नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और चंपावत जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. इसे देखते हुए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सभी विभागों को अपने संसाधन और मानवबल हर समय तैयार रखने को कहा गया है.
चारधाम यात्रा को लेकर भी प्रशासन को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में मौसम खराब हो या मार्ग असुरक्षित हो तो यात्रियों को सुरक्षित होल्डिंग प्वाइंट पर ही रोका जाए. वहां भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, बच्चों के लिए दूध और ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
यात्रा को तभी आगे बढ़ाया जाए जब मौसम सामान्य हो जाए और संबंधित मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया जाए. प्रदेश में वर्षा के कारण बाधित हुई ग्रामीण सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के निर्देश दिए गए हैं.राज्य सरकार ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. सरकार का कहना है कि सभी विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी गई हैं.