उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार तेजी से कदम बढ़ा रही है. पर्यावरण संरक्षण, ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार सब्सिडी आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान दे रही है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 86,489 इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं. इनमें से 43 हजार से अधिक लाभार्थियों को अनुदान राशि का भुगतान भी किया जा चुका है.
सरकार का दावा है कि इन प्रयासों के चलते देश में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है. अब इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 13,950 सब्सिडी आवेदन स्वीकृत किए गए थे. वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 47,514 तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 241 प्रतिशत अधिक है.
अब तक स्वीकृत आवेदनों में 61,417 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन शामिल हैं. इसके अलावा 24,959 इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन, 104 ई-मालवाहक वाहन और 9 इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी सब्सिडी मंजूर की जा चुकी है. सरकारी प्रवक्ता के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल संख्या लगभग 15 लाख तक पहुंच चुकी है. इससे प्रदेश में स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार चार्जिंग सुविधाओं का भी लगातार विस्तार कर रही है. पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में 2,316 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं. इनमें 540 फास्ट चार्जर और 1,776 स्लो चार्जर शामिल हैं. सरकार ने सब्सिडी आवेदन प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और सरल बनाया है. आवेदक को ईवी सब्सिडी पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी आईडी और पासवर्ड बनाना होता है. इसके बाद वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज करते ही वाहन से संबंधित अधिकांश जानकारी स्वतः भर जाती है. आवेदक को केवल बैंक खाते का विवरण और आइएफएससी कोड दर्ज करना होता है.