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विकासनगर गोलीकांड में बड़ा सुराग, दो मोबाइल फोन खोल सकते हैं मौत और गोलीबारी का पूरा राज

उत्तराखंड के विकासनगर के कल्याणपुर में हुए गोलीकांड की जांच तेज हो गई है. पुलिस ने घायल संगीता नेगी और मृतक कमलेश चौहान के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है.

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Edited By: Reepu Kumari
विकासनगर गोलीकांड में बड़ा सुराग, दो मोबाइल फोन खोल सकते हैं मौत और गोलीबारी का पूरा राज
Courtesy: Pinterest

उत्तराखंड के विकासनगर के कल्याणपुर में हुए गोलीकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इस सनसनीखेज घटना के पीछे की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पुलिस हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है. जांच के दौरान घायल संगीता नेगी और मृतक कमलेश चौहान के मोबाइल फोन पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं. अधिकारियों का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं. घटना के बाद से अस्पताल में भर्ती संगीता नेगी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है.

दूसरी ओर पुलिस जांच को तेज करते हुए संगीता के स्वजन, मकान मालिक और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है. पुलिस का उद्देश्य घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक तस्वीर सामने आ सके.

मोबाइल फोन से मिलने वाले सुराग पर पुलिस की नजर

जांच एजेंसियों ने दोनों मोबाइल फोन को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है. पुलिस का मानना है कि कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल जानकारी से घटना से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. अधिकारी हर एंगल से साक्ष्यों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं.

प्रारंभिक जांच में सामने आया प्रेम प्रसंग का पहलू

पुलिस की शुरुआती जांच में प्रेम प्रसंग से जुड़े कुछ तथ्य सामने आए हैं. जांच के दौरान यह संभावना जताई गई है कि कमलेश चौहान ने बंद कमरे में पहले संगीता नेगी के सिर में गोली मारी और उसके बाद स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. हालांकि पुलिस अभी सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर ही कर रही है.

सुसाइड नोट की भी हो रही वैज्ञानिक जांच

घटनास्थल से पुलिस को कमलेश चौहान के नाम से एक सुसाइड नोट भी मिला था. इस नोट में एकतरफा प्रेम संबंध के चलते वारदात को अंजाम देने की बात सामने आने का दावा किया गया है. पुलिस ने नोट की सत्यता की पुष्टि के लिए उसे हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसे वास्तव में किसने लिखा.

फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य

मामले की जांच के दौरान फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं. इन साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर घटना के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और उसके बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.

हर पहलू की गहराई से हो रही जांच

विकासनगर कोतवाल राजीव रौथाण के अनुसार पुलिस इस मामले में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है. मोबाइल फोन, सुसाइड नोट, फोरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ से मिली जानकारियों को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की पुष्टि के बाद ही पूरे मामले का वास्तविक सच सामने आएगा.