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India Daily

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: आज हिंदी पेपर से शुरू, 20 केंद्रों पर पहली बार जैमर लगाकर नकल पर सख्ती

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं आज हिंदी विषय से शुरू हो गई हैं. कुल 53 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. नकल रोकने के लिए 8033 केंद्रों पर 20 संवेदनशील केंद्रों पर पहली बार मोबाइल जैमर लगाए गए हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: आज हिंदी पेपर से शुरू, 20 केंद्रों पर पहली बार जैमर लगाकर नकल पर सख्ती
Courtesy: Pinterest

उत्तर प्रदेश में लाखों छात्रों का इंतजार आज खत्म हो गया. यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 की शुरुआत हिंदी के पेपर से हो चुकी है. सुबह की पहली पाली में हाईस्कूल के छात्रों ने हिंदी और प्रारंभिक हिंदी का पेपर दिया, जबकि दोपहर में इंटर के छात्र हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा दे रहे हैं. बोर्ड ने इस बार नकलविहीन माहौल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाया है. राज्य भर में फैले 8033 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा चल रही है.

परीक्षा का समय और पंजीकरण

परीक्षा दो पालियों में हो रही है. पहली पाली सुबह 8:30 से 11:45 बजे तक और दूसरी दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक. इस वर्ष कुल 53,37,778 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जो प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा प्रक्रिया है. बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि छात्रों को हर पेज पर अपना अनुक्रमांक लिखना अनिवार्य है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो.

नकल रोकने के लिए विशेष इंतजाम

नकल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए 18 संवेदनशील जिलों, 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील केंद्रों की सूची एसटीएफ और एलआईयू को सौंपी गई है. इन जगहों पर विशेष निगरानी के साथ हर पाली में दो बार निरीक्षण टीम पहुंच रही है. राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के अलावा पांच क्षेत्रीय कार्यालयों और 75 जनपद मुख्यालयों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. 

पहली बार जैमर का इस्तेमाल

इस बार एक नया कदम उठाया गया है. प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर पहली बार मोबाइल जैमर लगाए गए हैं, जिससे परीक्षा हॉल में मोबाइल सिग्नल ब्लॉक हो जाएंगे. इससे नकल के लिए बाहर से मदद लेना मुश्किल हो गया है. बोर्ड का मकसद पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा कराना है. 

जेल में बंद कैदियों के लिए व्यवस्था

जेल में बंद 176 हाईस्कूल और 184 इंटरमीडिएट के कैदी भी परीक्षा देंगे. उनके लिए जेल में ही आठ विशेष केंद्र बनाए गए हैं. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की नकल या गड़बड़ी पर नए कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी.

सख्त कानूनी प्रावधान

उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत नकल कराने या करवाने वालों पर आजीवन कारावास तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक जुर्माना लग सकता है. बोर्ड ने सभी केंद्रों के स्ट्रांग रूम की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था की है, ताकि कोई चूक न रहे.