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JEE Mains 2026 के नतीजे घोषित, 12 छात्रों ने हासिल किया 100 पर्सेंटाइल; टॉपर्स में राजस्थान सबसे आगे

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेंस 2026 सेशन-1 के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस बार 12 होनहारों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर इतिहास रचा है, जिनमें राजस्थान के छात्रों का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है.

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JEE Mains 2026 के नतीजे घोषित, 12 छात्रों ने हासिल किया 100 पर्सेंटाइल; टॉपर्स में राजस्थान सबसे आगे
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस के पहले सत्र के परिणामों ने छात्रों के बीच उत्साह और प्रतिस्पर्धा की नई लहर पैदा कर दी है. इस वर्ष कुल 13.04 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिसमें से केवल 12 छात्र ही पूर्ण 100 पर्सेंटाइल के शिखर तक पहुंचने में सफल रहे. हालांकि, इस बार की टॉपर्स सूची एक विशेष कारण से चर्चा में है - शीर्ष स्थान पर एक भी महिला उम्मीदवार अपनी जगह नहीं बना पाई है.

नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि राजस्थान एक बार फिर इंजीनियरिंग शिक्षा के पावरहाउस के रूप में उभरा है. टॉपर्स की फेहरिस्त में सबसे अधिक छात्र इसी राज्य से हैं. 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले छात्रों में दिल्ली के श्रेयस मिश्रा, आंध्र प्रदेश के नरेंद्रबाबू और पासला मोहित, बिहार के शुभम कुमार, राजस्थान के कबीर छिल्लर, चिरंजीब कर और अर्णव गौतम, ओडिशा के भावेश पात्रा, हरियाणा के अनय जैन, महाराष्ट्र के माधव विरादिया, गुजरात के पुरोहित निमय और तेलंगाना के विवान शरद माहेश्वरी शामिल हैं.

लाखों परीक्षार्थियों के बीच कड़ी टक्कर 

जेईई मेंस 2026 सेशन 1 की परीक्षा में इस बार प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा. कुल 13,04,653 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था. लिंग आधारित आंकड़ों को देखें तो इसमें पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 8,55,085 रही, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 4,49,568 दर्ज की गई. यह विशाल संख्या दर्शाती है कि देश के तकनीकी भविष्य को लेकर युवाओं में कितना जबरदस्त रुझान है और परीक्षा का ढांचा कितना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. 

महिला उम्मीदवारों की बढ़ती भागीदारी 

भले ही 100 पर्सेंटाइल की सूची में इस बार किसी लड़की का नाम नहीं है, लेकिन परीक्षा में महिलाओं की कुल भागीदारी को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं. जनरल कैटेगरी में जहां 2,95,078 पुरुषों ने परीक्षा दी, वहीं 1,57,747 महिलाओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. अन्य श्रेणियों में भी यही ट्रेंड देखा जा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कदम रखने वाली लड़कियों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है. 

एनटीए की पारदर्शी व्यवस्था और आगामी चरण 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर नतीजे जारी कर छात्रों को राहत दी है. जो छात्र इस बार शीर्ष पर नहीं पहुंच पाए, उनके पास अगले सत्र में सुधार करने का सुनहरा मौका है. एनटीए द्वारा निर्धारित नियम और चयन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करते हैं कि केवल योग्य उम्मीदवार ही आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों तक पहुंच सकें. अब सभी की नजरें जेईई एडवांस और आगामी सत्रों की तैयारी पर टिकी हुई हैं.

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