चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा कि मानसून शुरू हो गया है और उनकी सरकार बाढ़ से बचाव के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने लिखा- 'मानसून चल रहा है, बाढ़ से बचाव के लिए मान सरकार की कोशिशें जारी हैं.'
मुख्यमंत्री के इस बयान के साथ ही कैबिनेट मंत्री बरिंदर सिंह गोयल ने रूपनगर जिले के चक ढेरा गांव में बाढ़ बचाव कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन और चल रहे कामों की समीक्षा की. इस दौरान स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए.
सरकार के अनुसार सतलुज नदी के किनारे करीब 1500 फीट क्षेत्र को मजबूत करने का काम किया गया है. इस बाढ़ नियंत्रण कार्य पर कुल 4.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. नदी किनारे दीवारें, बांध और अन्य सुरक्षा संरचनाएं बनाई गई हैं, ताकि तेज बारिश या नदी में पानी बढ़ने पर आसपास के गांवों को नुकसान न पहुंचे.
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि मानसून के मौसम में बाढ़ एक बड़ी चुनौती है. इसलिए सरकार ने पूरे पंजाब में तैयारी की है. नदियों के किनारे कमजोर इलाकों की पहचान कर वहां मजबूती का काम तेजी से चलाया जा रहा है. चक ढेरा गांव में किए गए कार्य इसका एक उदाहरण हैं.
मंत्री बरिंदर सिंह गोयल ने कहा कि रेस्क्यू टीमों को पूरी तरह तैयार रखा गया है. नावें, जीवन रक्षक उपकरण और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई है. साथ ही लोगों को समय रहते अलर्ट जारी किए जा रहे हैं. उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे नदी के पास अनावश्यक न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
मान सरकार पिछले सालों की तरह इस बार भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए तैयार है. न केवल बचाव कार्य बल्कि बाढ़ के बाद मुआवजा और पुनर्वास पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा. रूपनगर जिले के अलावा अन्य जिलों में भी सतलुज, ब्यास और अन्य नदियों के किनारे सुरक्षा कार्य चल रहे हैं. अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.