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Lok Sabha Election 2024: पूर्वांचल के दो दुश्मनों की दिखेगी दोस्ती! क्या अफजाल अंसारी के चुनाव प्रचार में जाएंगे अजय राय?

Lok Sabha Election 2024: यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या मुख्तार अंसारी गैंग ने 3 अगस्त 1991 को किया था. इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड मुख्तार अंसारी को बीते साल वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई. सपा ने मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी को उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में चर्चा है कि क्या अजय राय अफजाल अंसारी के लिए प्रचार के लिए जाएंगे?

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Avinash Kumar Singh

Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे के बाद यूपी में चुनावी लड़ाई NDA बनाम INDIA हो गई है. बीजेपी जहां पूर्वांचल की गाजीपुर सीट को अपना कमजोर किला मानकर चुनावी चक्रव्यूह तैयार करने में जुटी हुई है, तो वहीं इस सीट पर अंसारी परिवार का सियासी रसूख का लाभ सपा बेहतर तरीके से उठाना चाह रही है. सपा ने अंसारी परिवार के मुखिया बसपा सांसद अफजाल अंसारी को अपनी पार्टी के बैनर तले गाजीपुर से उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में वहां की चुनावी लड़ाई दिलचस्प मोड़ पर आ गई है. 

यहां पर सबसे इंटरेस्टिंग टर्न और ट्विस्ट यह है कि लड़ाई तो सीधे-सीधे बीजेपी और सपा के बीच है, लेकिन कांग्रेस की भूमिका इस सीट पर अहम रहने वाली है. दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अंसारी परिवार की अदावत किसी से छिपी नहीं है. अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या आज से 33 साल पहले हुई थी. जिसका आरोप अफजाल अंसारी के भाई माफिया मुख्तार अंसारी पर लगा था. इस मामले में पिछले साल जून  2023 में  में वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी. 

पुरानी अदावत भूल एक साथ एक साथ आएंगे अंसारी और राय परिवार! 

 पूर्वांचल के दो बाहुबली नेताओं की अदावत के बाद चर्चा इस बात की है क्या अजय राय पुरानी बातों को भुलाकर मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. इस बाबत सवाल पूछे जाने पर अजय राय ने कहा कि यूपी में उनकी पार्टी को गठबंधन फॉर्मूले के तहत 17 सीटें मिली हुई है. ऐसे में जो सीटें सपा के खाते में गई है वहां कांग्रेस पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनाव प्रचार करेगी. निजी तौर पर किस नेता को कहां चुनाव प्रचार के लिए जाना है यह फैसला केंद्रीय हाईकमान तय करता है. फिलहाल गाजीपुर जाने को लेकर कोई बात नहीं हुई है.

जानें अवधेश राय हत्याकांड की पूरी कहानी 

दरअसल अवधेश राय की हत्या मुख्तार अंसारी गैंग ने 3 अगस्त 1991 को किया था. कहा जाता है कि अवधेश राय जब अपने छोटे भाई अजय राय के साथ लहुराबीर स्थित अपने घर के बाहर खड़े थे, तभी हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर अवधेश राय को मौत के घाट उतार दिया था. वारदात वाली जगह पर मौजूद अजय राय कुछ कर पाते कि उससे पहले हमलावर वहां से फरार हो गए.  जिसके बाद अजय राय ने मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह और राकेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. 

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अजय राय के परिवार को इंसाफ मिला. बीते साल 5 जून को वाराणसी की MP MLA कोर्ट ने अवधेश राय की हत्या के केस में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. वहीं इस मामले में नामजद आरोपी भीम सिंह इटावा जेल में बंद हैं. वहीं कमलेश सिंह और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम की मौत हो चुकी है. वहीं पांचवें आरोपी राकेश ने इस मामले में अपना केस अलग कराकर ट्रायल शुरू करवाया है, जो प्रयागराज सेशन कोर्ट में चल रहा है. 

चुनाव आयोग जल्द करेगा चुनावी तारीखों का ऐलान 

आगामी 2024 लोकसभा को लेकर जल्द ही चुनावी तारीखों का ऐलान होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि 10 से 13 मार्च के बीच चुनाव आयोग कभी भी चुनावी क्रार्यक्रमों का शेड्यूल जारी कर सकता है. चुनाव के ऐलान के मद्देनजर सियासी पार्टियों की तैयारियां मुकम्मल शक्ल लेने लगी है. बीजेपी खेमे की बात करें तो पार्टी का शीर्ष आलाकमान उम्मीदवारों के चयन को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है, तो वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन युद्द स्तर पर चुनाव प्रचार की योजना रचना तैयार करने में जुटा हुआ है. 

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