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कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस विधायकों में भिडंत, नारायणस्वामी ने रूपाकला पर लगाया धमकी देने का आरोप

कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के दो विधायकों के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है. बांगरपेट विधायक एसएन नारायणस्वामी ने केजीएफ विधायक रूपाकला शशिधर पर आक्रामक व्यवहार और धमकी देने का आरोप लगाया है.

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Edited By: Shanu Sharma
कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस विधायकों में भिडंत, नारायणस्वामी ने रूपाकला पर लगाया धमकी देने का आरोप
Courtesy: ANI

कर्नाटक विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान बुधवार को कांग्रेस के दो विधायकों के बीच विवाद ने सबका ध्यान खींचा. घटना उस समय हुई, जब कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौडा पाटिल के इस्तीफे को लेकर सदन में चर्चा चल रही थी. इसी दौरान कोलार जिले से आने वाले एसएन नारायणस्वामी और एसएन सुब्बारेड्डी आपस में बातचीत कर रहे थे.

रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान रूपाकला शशिधर उनके पास पहुंचीं और नारायणस्वामी के साथ तीखी बहस शुरू हो गई. प्रत्यक्ष दृश्यों में उन्हें मेज पर हाथ मारते और नारायणस्वामी की ओर इशारा करते हुए बहस करते देखा गया.

नारायणस्वामी ने लगाया धमकी देने का आरोप

विवाद के बाद नारायणस्वामी ने दावा किया कि रूपाकला ने उनके सामने मेज पर जोर से हाथ मारा और उन्हें चेतावनी दी. उन्होंने इस घटना को अपनी सुरक्षा से जोड़ते हुए चिंता जताई. हालांकि, रूपाकला शशिधर ने पूरे विवाद पर विस्तार से सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को दे दी है और उम्मीद है कि इसका समाधान हो जाएगा. यह घटनाक्रम कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौडा पाटिल के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चा के बीच हुआ. पाटिल ने इंडी और चाडचन तालुकों को सूखाग्रस्त क्षेत्रों की सूची से बाहर रखे जाने के विरोध में इस्तीफा दिया था. इसी मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस चल रही थी. विवाद के दौरान विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी मामले पर ध्यान दिलाया. उन्होंने रूपाकला के मेज थपथपाने पर आपत्ति जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप करने की मांग की.

कोलार की राजनीति से भी जुड़ा है मामला

नारायणस्वामी और रूपाकला दोनों कोलार जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं. रूपाकला शशिधर राज्य के समाज कल्याण मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केएच मुनियप्पा की बेटी हैं. नारायणस्वामी ने अपने बयान में मुनियप्पा के साथ पुराने राजनीतिक मतभेदों का भी उल्लेख किया है. हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है. उपलब्ध रिपोर्टों में विवाद की शुरुआत को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं. ऐसे में नारायणस्वामी द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों को फिलहाल उनके दावे के रूप में ही देखा जा रहा है.