हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं को सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) तक पहुंचाने के लिए डिजिटल पहल शुरू की है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को हरियाणा सचिवालय से 'सतर्क-हरियाणा' मोबाइल ऐप लॉन्च किया. इस ऐप के जरिए नागरिक भ्रष्टाचार की शिकायत करने के साथ फोटो, वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी संबंधित विभाग तक पहुंचा सकेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ अतिरिक्त प्रधान सचिव यशपाल यादव भी मौजूद रहे.
'सतर्क-हरियाणा' ऐप में SV&ACB की हेल्पलाइन से सीधे जुड़ने का विकल्प दिया गया है. कई बार लोगों के पास भ्रष्टाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी होती है, लेकिन उन्हें हेल्पलाइन नंबर याद नहीं रहता. ऐसे में ऐप पर उपलब्ध हेल्पलाइन विकल्प को टच करते ही नागरिक सीधे संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क कर सकेंगे. इससे शिकायत या सूचना देने की प्रक्रिया आसान होगी.
ऐप की एक खास सुविधा यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई वीडियो, ऑडियो, फोटो या अन्य जानकारी है, लेकिन वह तत्काल कार्रवाई नहीं चाहता, तब भी वह सूचना SV&ACB तक पहुंचा सकता है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसी सूचनाओं की गोपनीयता का ध्यान रखा जाएगा. इससे भ्रष्टाचार से संबंधित सूचनाओं का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने में भी मदद मिलेगी.
नागरिकों की सुविधा के लिए हरियाणा के सभी 23 जिलों को ऐप से जोड़ा गया है. किसी दूसरे जिले में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत होने पर ऐप में संबंधित जिला चुनकर वहां के SV&ACB प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर देखा जा सकता है. इसके साथ ही संबंधित कार्यालय की लोकेशन और वहां पहुंचने का रास्ता भी गूगल लोकेशन के जरिए देखा जा सकेगा.
यदि किसी नागरिक को SV&ACB के किसी अधिकारी या कर्मचारी के व्यवहार को लेकर शिकायत है, तो ऐप के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों तक भी संपर्क किया जा सकेगा. संबंधित पुलिस अधीक्षक का नाम, मोबाइल नंबर, कार्यालय की लोकेशन और वहां पहुंचने का रास्ता भी ऐप पर उपलब्ध रहेगा.
'सतर्क-हरियाणा' ऐप के जरिए उपलब्ध कराई गई FIR की कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा भी दी गई है. फिलहाल यह ऐप Google Play Store पर 'सतर्क हरियाणा' नाम से उपलब्ध है. सरकार के मुताबिक, इसके उपयोग और परिणामों को देखते हुए इसे जल्द Apple App Store पर भी उपलब्ध कराने की योजना है.
SV&ACB प्रमुख डॉ. अरशिन्दर सिंह चावला ने लोगों से अपील की है कि ऐप पर केवल सही और तथ्य आधारित जानकारी ही साझा करें. उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी को बदनाम करने के उद्देश्य से गलत या भ्रामक जानकारी अपलोड नहीं की जानी चाहिए. जानबूझकर गलत या AI से तैयार फर्जी सामग्री को वास्तविक सूचना के रूप में साझा करने पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि ऐप का उद्देश्य नागरिकों और SV&ACB के बीच सूचना के आदान-प्रदान को आसान और प्रभावी बनाना है.