गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार रात उस वक्त तनाव बढ़ गया, जब सड़क हादसे में घायल युवक की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए. परिवार का कहना है कि अस्पताल ने मरीज की हालत को लेकर सच छिपाया और इलाज के नाम पर भारी रकम वसूली. जैसे ही यह मामला बढ़ा, अस्पताल के बाहर भीड़ जुट गई और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. हालात बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
मृतक की पहचान 20 वर्षीय अजरुल इस्लाम के रूप में हुई है, जो सीएनजी ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था. हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत करीब 24 घंटे पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल ने उसे वेंटिलेटर और आईसीयू में रखकर इलाज जारी होने का दावा किया.
परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज के नाम पर उनसे 5 लाख रुपये से अधिक की रकम ली गई. इसमें बेड चार्ज, डॉक्टर विजिट, महंगी दवाइयां और कई तरह के टेस्ट शामिल थे. जब परिजनों ने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही, तभी उसे मृत घोषित किया गया. मौत का कारण पूछने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला.
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते सड़क पर जाम लग गया और लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्थिति को संभालना मुश्किल होने लगा.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराने की कोशिश की. काफी देर तक समझाने के बावजूद जब लोग नहीं माने, तो देर रात हल्का लाठीचार्ज कर सड़क खाली कराई गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन से भी जवाब मांगा गया है.