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India Daily

2-0 से इक्वाडोर ढेर, मैक्सिको की ऐतिहासिक जीत ने तोड़ा 40 साल का सूखा!

मैक्सिको ने फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 साल बाद नॉकआउट स्टेज में जीत दर्ज की. इस जीत के साथ टीम ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किए.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
2-0 से इक्वाडोर ढेर, मैक्सिको की ऐतिहासिक जीत ने तोड़ा 40 साल का सूखा!
Courtesy: X (@PolymarketSport)

फीफा विश्व कप 2026 के जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे मुकाबले और उत्साहित होते जा रहे हैं. यहां से रह मैच सभी टीमों के लिए करो या मरो वाला होने वाला है. विश्व कप 2026 में मेजबान देशों में शामिल मैक्सिको ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए राउंड ऑफ 32 में इक्वाडोर को 2-0 से मात दी. 

एस्टाडियो एज्टेका में मिली ये जीत मैक्सिको के लिए सिर्फ अगले दौर में पहुंचने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस जीत की बदौलत टीम का लगभग चार दशक पुराने इंतजार भी खत्म हुआ है. मैक्सिको ने 1986 के बाद पहली बार विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज की.

शुरुआत में ही दागे 2 गोल

मैच शुरु होने से पहले बारिश ने इसमें खलल डालने की कोशिश की थी जिस कारण गेम करीब एक घंटे देरी से हुई हालांकि इन परेशानियों के बाद अंत में खेल शुरु हुआ. मैच की शुरुआत से ही मैक्सिको ने आक्रामक अंदाज अपनाया. इस एटिट्यूट के साथ ही टीम के जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज ने पहले हाफ के शुरुआती नौ मिनट में दो गोल दागकर टीम को मजबूत बढ़त दिला दी. मैक्सिको ने इसके बाद इक्वाडोर को वापसी का मौका नहीं दिया.

40 साल का इंतजार हुआ खत्म

मैक्सिको ने 1986 में बुल्गारिया को हराने के बाद पहली बार विश्व कप नॉकआउट स्टेज में जीत हासिल की है. लगातार सात नॉकआउट मुकाबले हारने के बाद मिली यह सफलता टीम और उनके फैंस के लिए बेहद खास रही. अब एल ट्राइ की नजर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर होगी.

कई रिकॉर्ड हुए दर्ज

इस जीत के साथ ही मैक्सिको ने लगातार चार विश्व कप मुकाबलों में बिना गोल खाए जीत दर्ज करने वाली चुनिंदा टीमों में जगह बना ली. जूलियन क्विनोनेस ने टूर्नामेंट में अपना तीसरा गोल किया, जबकि राउल जिमेनेज ने राष्ट्रीय टीम के लिए 47वां गोल कर नया व्यक्तिगत मुकाम हासिल किया.

इक्वाडोर का निराशाजनक अंत

ग्रुप स्टेड में जर्मनी जैसी मजबूत टीम को हराने वाली इक्वाडोर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि नॉकआउट मुकाबले में टीम शुरुआत से दबाव में रही. स्टॉपेज टाइम में डिफेंडर पिएरो हिंकापी को रेड कार्ड मिलने से हार और भी निराशाजनक बन गई. नया नियम लागू होने के बाद इस कारण मिला रेड कार्ड चर्चा का विषय रहा.

अब अगले मुकाबले पर नजर

अब मैक्सिको की नजर क्वार्टर फाइनल पर होगी. टीम को क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए इंग्लैंड या कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में से किसी एक का सामना करना होगा. घरेलू मैदान एस्टाडियो एज्टेका में टीम का रिकॉर्ड शानदार रहा है और यही आत्मविश्वास उसे अगले मुकाबले में भी मजबूत दावेदार बनाता है. समर्थकों को उम्मीद है कि टीम इस बार लंबे समय बाद अंतिम आठ में जगह बनाएगी.