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बेंगलुरु में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर सख्त कदम, सरकार ने रखा है तीन साल में पूरी तरह नियंत्रण का लक्ष्य

कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में अगले तीन वर्षों के भीतर 100 प्रतिशत आवारा कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य तय किया है. चलिए जानते हैं और क्या है प्लानिंग.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बेंगलुरु में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर सख्त कदम, सरकार ने रखा है तीन साल में पूरी तरह नियंत्रण का लक्ष्य
Courtesy: Pinterest (Representative image)

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले तीन वर्षों के भीतर ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र में 100 प्रतिशत एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कवरेज सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए. इसके तहत हर साल होने वाली आवारा कुत्तों की नसबंदी की क्षमता 45,000 से बढ़ाकर 90,000 करने का लक्ष्य रखा गया है.

मंगलवार को पशु कल्याण और शहरी हरित विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों से एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम चलने और पिछले पांच वर्षों में करीब 42 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है. वर्ष 2007 से अब तक लगभग 8.8 लाख कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, लेकिन उनकी संख्या अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है.

सरकार ने क्या दिया है निर्देश?

सरकार ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नसबंदी केंद्रों की क्षमता बढ़ाने, अधिक एजेंसियों को जोड़ने, अनुबंध के आधार पर अतिरिक्त पशु चिकित्सकों की नियुक्ति करने और देशभर के अनुभवी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. सरकार का मानना है कि मिशन मोड में काम करने से तीन वर्षों में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकेंगे.

बैठक में और क्या लिया गया फैसला?

बैठक में शहर को हराभरा बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. चालू वित्त वर्ष में बेंगलुरु में 64,130 पौधे लगाए जाएंगे. इस अभियान में नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. प्रत्येक पौधे की निगरानी और रखरखाव के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी ताकि पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ सके.

मंत्री ने क्या बताया?

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008 से अब तक करीब 20 लाख पौधे लगाए जाने का दावा किया गया था, लेकिन वर्तमान वृक्ष गणना में केवल लगभग 11 लाख पेड़ ही मौजूद मिले हैं. इसे देखते हुए उन्होंने प्रत्येक पौधे का पूरा रिकॉर्ड रखने और वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण करने के निर्देश दिए हैं.

इसके अलावा नागरिकों से सहाया ऐप के माध्यम से सूखे पेड़ों, खतरनाक शाखाओं और अन्य पेड़ों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देने की अपील की गई है ताकि शिकायतों का समय पर समाधान किया जा सके.

मंत्री ने फुटपाथ अतिक्रमण हटाने के अभियान पर भी सफाई देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाना. उन्होंने दुकानदारों से भी स्वेच्छा से अवैध अतिक्रमण हटाने की अपील की और नियमों का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी.