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सावधान! सरकारी वेबसाइट्स की भी बन रही COPY… बचना है तो गांठ बांध लें ये बातें

Fake Cyber Crime Portal: स्कैमर सरकारी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की नकल कर फर्जी वेबसाइट बना रहे हैं. इससे सावधान रहना जरूरी है. इससे कैसे बचा जा सकता है और आपके साथ स्कैम हो जाए तो क्या करें, चलिए जानते हैं.

Shilpa Shrivastava
सावधान! सरकारी वेबसाइट्स की भी बन रही COPY… बचना है तो गांठ बांध लें ये बातें
Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: देश में साइबर स्कैमरों की नई चाल सामने आई है. गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को आगाह किया है. स्कैमर अब सरकारी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की नकल कर फर्जी वेबसाइट बना रहे हैं.

क्या कर रहे हैं स्कैमर?

जब लोग साइबर स्कैम की शिकायत दर्ज कराने जाते हैं तो ये स्कैमर उन्हें गुमराह करते हैं. वे ऐसी वेबसाइट बना लेते हैं जो असली सरकारी पोर्टल जैसी दिखती है. वहां पहुंचकर वे आपको डराते हैं कि आपका फोन या कंप्यूटर सिक्योरिटी इश्यू की वजह से ब्लॉक हो गया है. फिर वो पैसे मांगते हैं या आपकी निजी जानकारी (बैंक डिटेल्स आदि) ले लेते हैं.

सरकार ने दी सलाह:

सरकार ने साफ कहा है कि असली पोर्टल कभी भी आपको पैसे देने को नहीं कहेगा… न तो पॉप-अप मैसेज से, न किसी अजनबी लिंक से और न ही फोन पर. अगर ऐसा कुछ आ रहा है तो घबराएं नहीं. स्कैमर लोगों को डराकर जल्दबाजी में फैसला लेने पर मजबूर करते हैं.

अक्सर लोग गूगल पर Cyber Crime Portal या Report Cyber Fraud सर्च करते हैं. स्कैमर इसी तरह की नाम वाली फर्जी वेबसाइट बना लेते हैं. लोग गलती से उस पर क्लिक कर देते हैं. फिर वहां पेमेंट का ऑप्शन आ जाता है और लोग पैसे ट्रांसफर कर देते हैं.

I4C ने दी ये सलाह:

  • हमेशा सीधे cybercrime.gov.in टाइप करके पोर्टल खोलें. 

  • गूगल सर्च के लिंक पर भरोसा न करें.

  • कोई भी मैसेज जो आपके डिवाइस को ब्लॉक बताकर पैसे मांगे, उसे नजरअंदाज करें.

  • पॉप-अप या संदिग्ध लिंक पर कभी पैसे न दें.

  • वेबसाइट का पता ध्यान से चेक करें.

  • कोई शक हो तो असली पोर्टल पर Check & Report फीचर से रिपोर्ट करें.

अगर स्कैम हो गया तो क्या करें?

  • तुरंत 1930 नंबर पर नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें. जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी.

  • स्कैमर रोज नई-नई चालें चला रहे हैं. इसलिए सतर्क रहें, आधिकारिक वेबसाइट ही इस्तेमाल करें और कभी भी जल्दबाजी में पैसे न ट्रांसफर करें.