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ब्राजील बचा... जर्मनी-नीदरलैंड्स बाहर! FIFA world cup 2026 में बड़ा उलटफेर, बड़ी टीमों पर भी मंडरा रहा खतरा

फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट मुकाबलों ने साबित कर दिया कि 48 टीमों वाला टूर्नामेंट पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी बन चुका है. ब्राजील मुश्किल से बचा, जबकि जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसी दिग्गज टीमें बाहर हो गईं. अब हर मुकाबला बराबरी का नजर आ रहा है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
ब्राजील बचा... जर्मनी-नीदरलैंड्स बाहर! FIFA world cup 2026 में बड़ा उलटफेर, बड़ी टीमों पर भी मंडरा रहा खतरा
Courtesy: X (@brfootball)

नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले सबसे बड़ी चर्चा टूर्नामेंट के नए 48 टीमों वाले प्रारूप को लेकर थी. कई विशेषज्ञों का मानना था कि इससे प्रतियोगिता का स्तर कमजोर हो जाएगा और बड़ी टीमों के लिए आगे बढ़ना आसान हो जाएगा. लेकिन नॉकआउट स्टेज के शुरुआती मुकाबलों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है. अब हर टीम चुनौती पेश कर रही है और बड़े नाम और नामचीन टीम भी खतरे में है.

ब्राजील को जीत के लिए करना पड़ा संघर्ष

पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को जापान के खिलाफ उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल मुकाबले का सामना करना पड़ा. जापान ने शुरुआती बढ़त बनाकर ब्राजील पर लगातार दबाव बनाए रखा. कैसेमिरो ने स्कोर बराबर किया, लेकिन निर्णायक गोल अंतिम क्षणों में आया. गैब्रियल मार्टिनेली के 95वें मिनट के गोल ने ब्राजील को राहत दिलाई और टीम किसी तरह अगले दौर में पहुंच सकी. पांच बार की चैंपियन को भी टूर्नामेंट में बने रहने के लिए मशक्कत करनी पड़ी.

जर्मनी की विदाई ने चौंकाया

ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करने वाली जर्मनी की टीम नॉकआउट में पराग्वे के सामने टिक नहीं सकी. निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहा, जिसके बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ. पराग्वे ने संयम बनाए रखते हुए जीत हासिल की और चार बार की विश्व चैंपियन टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. जर्मनी इस हार से बिलकुल खुश नहीं होगी.  

मोरक्को ने फिर दिखाया अपना दम

मोरक्को ने एक बार फिर साबित किया कि उसकी पिछली सफलताएं संयोग नहीं थीं. मोरक्को बनाम  नीदरलैंड्स मैच में नीदरलैंड्स ने पहले बढ़त जरूर बनाई थी, लेकिन इंजरी टाइम में मोरक्को ने बराबरी कर मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा दिया. गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन और सटीक पेनल्टी की बदौलत मोरक्को ने यूरोप की एक और बड़ी टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया.

बदल रही है विश्व फुटबॉल की तस्वीर

इस विश्व कप में केवल एक-दो उलटफेर नहीं हुए हैं. कई छोटे देशों ने मजबूत टीमों को बराबरी पर रोका या उन्हें कड़ी चुनौती दी है. इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का स्तर पहले की तुलना में काफी संतुलित हो चुका है. अब केवल इतिहास या प्रतिष्ठा के दम पर कोई टीम जीत की गारंटी नहीं दे सकती.

हर दिग्गज के सामने नई चुनौती

ब्राजील, जर्मनी और नीदरलैंड्स के अनुभव ने बाकी दावेदारों के लिए भी स्पष्ट संदेश छोड़ दिया है. फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और पुर्तगाल जैसी टीमें भी अब किसी मुकाबले को हल्के में नहीं ले सकतीं. 48 टीमों वाला विश्व कप दिखा रहा है कि नॉकआउट चरण में केवल मौजूदा प्रदर्शन ही जीत और हार का फैसला करता है.