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जब 21 साल में दिल हार बैठे थे अखिलेश यादव, 27 साल से वही केमिस्ट्री कायम; बर्डडे पर जानें उनकी लव स्टोरी

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन पर उनकी निजी और राजनीतिक जिंदगी एक बार फिर चर्चा में है. पत्नी डिंपल यादव के साथ उनकी 27 साल पुरानी साझेदारी आज भी मजबूत मानी जाती है.

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Edited By: Reepu Kumari
जब 21 साल में दिल हार बैठे थे अखिलेश यादव, 27 साल से वही केमिस्ट्री कायम; बर्डडे पर जानें उनकी लव स्टोरी
Courtesy: Pinterest

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर जहां समर्थक उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं, वहीं उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है. खासकर पत्नी और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव के साथ उनकी 27 साल पुरानी साझेदारी लोगों का ध्यान खींच रही है.

अखिलेश और डिंपल की कहानी सिर्फ एक सफल वैवाहिक रिश्ते की नहीं, बल्कि भरोसे, साथ और राजनीतिक समझदारी की भी मिसाल मानी जाती है. दोनों ने व्यक्तिगत जीवन से लेकर सार्वजनिक जिम्मेदारियों तक हर दौर में एक-दूसरे का साथ निभाया है, जिसकी चर्चा उनके जन्मदिन पर फिर से हो रही है.

कॉमन फ्रेंड से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

अखिलेश यादव और डिंपल यादव की पहली मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी. उस समय अखिलेश 21 वर्ष के थे, जबकि डिंपल 17 वर्ष की थीं. पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया. आगे की पढ़ाई के लिए अखिलेश ऑस्ट्रेलिया चले गए, लेकिन दोनों के बीच पत्रों के जरिए बातचीत का सिलसिला लगातार चलता रहा.

परिवार की सहमति के बाद हुई शादी

करीब चार साल तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया. अलग-अलग जातियों से होने के कारण शुरुआत में परिवार की सहमति नहीं मिली. बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव भी शुरुआत में इस शादी के पक्ष में नहीं थे. बाद में परिवार की सहमति बनने के बाद 24 नवंबर 1999 को दोनों विवाह बंधन में बंध गए और तब से उनका साथ लगातार कायम है.

परिवार और राजनीति दोनों में निभाई जिम्मेदारी

शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे हुए, जिनमें बड़ी बेटी अदिति और जुड़वा बच्चे अर्जुन व टीना शामिल हैं. डिंपल यादव ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राजनीतिक जीवन में भी अखिलेश यादव का पूरा साथ दिया. चाहे चुनावी अभियान हो या सार्वजनिक कार्यक्रम, दोनों अक्सर एक साथ नजर आते हैं.

हर फैसले में दिखा डिंपल का समर्थन

डिंपल यादव ने अखिलेश यादव के राजनीतिक फैसलों का हमेशा समर्थन किया. जब अखिलेश मुख्यमंत्री बने या बाद में पार्टी की जिम्मेदारियां संभालीं, हर महत्वपूर्ण मौके पर डिंपल उनके साथ खड़ी रहीं. मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद जब अखिलेश ने उन्हें मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया, तब भी उन्होंने बिना किसी हिचक के जिम्मेदारी स्वीकार की.

जन्मदिन पर फिर चर्चा में आई दोनों की केमिस्ट्री

आज डिंपल यादव मैनपुरी से सांसद हैं और संसद के भीतर तथा बाहर पार्टी की नीतियों को मजबूती से उठाती हैं. अखिलेश यादव के जन्मदिन पर उनकी 27 साल पुरानी साझेदारी की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि दोनों का रिश्ता निजी जीवन के साथ-साथ राजनीति में भी मजबूत तालमेल की मिसाल माना जाता है. समर्थकों के बीच यह जोड़ी आज भी भरोसे और साथ की पहचान बनी हुई है.