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India Daily

होर्मुज संकट का असर, हांगकांग में है दुनिया में सबसे ज्यादा महंगी पेट्रोल; कीमत जानकर उड़ जाएगें होश

मिडिल ईस्ट तनाव के कारण हांगकांग में पेट्रोल की कीमतें दुनिया में सबसे ज्यादा हो गई हैं. इसका असर महंगाई और रोजमर्रा के खर्च पर पड़ रहा है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
होर्मुज संकट का असर, हांगकांग में है दुनिया में सबसे ज्यादा महंगी पेट्रोल; कीमत जानकर उड़ जाएगें होश
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग में रुकावटों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पूरी तरह से अस्थिर हो गया है. कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल यानी लगभग 9,297 रुपये से ऊपर चढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर पड़ रहा है. दुनिया भर में बढ़ती महंगाई के संकेत साफ नजर आ रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और भी महंगी होती जा रही है.

हांगकांग के निवासी दुनिया की सबसे ज्यादा पेट्रोल कीमतों का सामना कर रहे हैं, यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत करीब 4.1 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 381 रुपये है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में है और कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. लगभग $15.6 यानी 1,450 रुपये प्रति गैलन की कीमत के साथ शहर में ईंधन की कीमतें दूसरी जगहों की तुलना में काफी ज्यादा हैं. वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका में वाहन चालक भी ऐसी कीमतों से जूझ रहे हैं जो 2022 के बाद से नहीं देखी गई थीं.

क्या है इसकी वजह?

वैश्विक तेल कीमतों में इस भारी उछाल की वजह तेल उत्पादक खाड़ी देशों के बीच बढ़ता तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य जो एक महत्वपूर्ण शिपिंग गलियारा में आई रुकावटें हैं. पिछले एक महीने में इन घटनाक्रमों के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है.

पहले कैसी थी स्थिति?

बढ़ती ईंधन कीमतें हांगकांग के लिए कोई नई बात नहीं है, क्योंकि इस ताजा संकट के सामने आने से पहले भी शहर पहले से ही ऊंची कीमतों से जूझ रहा था. ईरान से जुड़े संघर्ष से काफी पहले यह शहर लगातार दुनिया में पेट्रोल खरीदने के लिए सबसे महंगी जगहों में से एक के तौर पर शुमार था. 

तनाव बना रहा तो क्या होगी स्थिति?

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर मध्य पूर्व में तनाव बना रहता है, तो ईंधन और अन्य चीजों की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं न केवल हांगकांग में बल्कि पूरी दुनिया में जिससे आम आदमी के लिए जिंदगी और भी महंगी हो जाएगी.

अधिकारियों ने आपूर्ति की स्थिरता के बारे में जनता को आश्वस्त करने की कोशिश की है. मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने पहले तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि सरकार बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर कड़ी नजर रखेगी. अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है और उन्होंने बताया कि हांगकांग के लगभग 80 प्रतिशत तेल की आपूर्ति चीन से होती है. 

सार्वजनिक परिवहन पर लगातार निर्भरता

हांगकांग में अन्य प्रमुख वैश्विक शहरों की तुलना में निजी कारों के स्वामित्व की दर लंबे समय से कम रही है. ईंधन की उच्च लागत, महंगी पार्किंग और भारी पंजीकरण शुल्क के कारण अधिकांश निवासी इसके बजाय शहर के व्यापक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पर निर्भर रहते हैं.