नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में दावा किया कि तेहरान के कई शीर्ष सैन्य नेताओं को खत्म कर दिया गया है. उन्होंने इस घटना को ईरानी राजधानी पर किया गया एक बड़ा हमला बताया. इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी था, जिसमें कथित तौर पर आसमान में धमाकों की रोशनी दिखाई दे रही थी.
यह घटना पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ रही दुश्मनी और संघर्ष के अगले चरण को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच सामने आई है. यह ताजा घटनाक्रम ट्रंप द्वारा तेहरान को दिए गए 48 घंटे के नए अल्टीमेटम के बाद सामने आया है. ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान वाशिंगटन के साथ कोई समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में नाकाम रहता है, तो उस पर कहर टूट पड़ेगा.
US President Donald Trump posts on Truth Social, "Many of Iran’s Military Leaders, who have led them poorly and unwisely, are terminated, along with much else, with this massive strike in Tehran!" pic.twitter.com/LM0tXUDqpG
— ANI (@ANI) April 4, 2026
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी सेना एक लापता अमेरिकी क्रू सदस्य का पता लगाने के प्रयास तेज कर रही है. बताया जा रहा है कि एक ही दिन में ईरान के ऊपर दो अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे. छह हफ्ते से चल रहे इस युद्ध में यह अपनी तरह का पहला नुकसान था. अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक क्रू सदस्य अभी भी दुश्मन के इलाके में लापता है, जिसके चलते एक बेहद जोखिम भरा तलाशी अभियान शुरू किया गया है.
युद्ध के मैदान में मिली इन असफलताओं ने वाशिंगटन में भी राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है. पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार एक बड़े फेरबदल के तहत अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज से तत्काल प्रभाव से अपने पद से हटने और रिटायर होने को कहा है. हालांकि सार्वजनिक तौर पर इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है.
इस बीच ईरान ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान स्थित उसके दूतावासों ने तेहरान में सत्ता परिवर्तन के लिए ट्रंप की बार-बार की जा रही अपीलों का मजाक उड़ाया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असल में राजनीतिक उथल-पुथल तो वाशिंगटन में मच रही है.
विमान को मार गिराए जाने और ईरान की इस ताना मारने वाली प्रतिक्रिया ने पहले से ही खतरनाक चल रहे इस टकराव में एक नया और अस्थिर पहलू जोड़ दिया है; इसने अमेरिका के उन पहले के दावों को कमजोर कर दिया है जिनमें उसने अपनी जबरदस्त हवाई श्रेष्ठता की बात कही थी, और साथ ही पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव के और बढ़ने की आशंकाओं को भी बढ़ा दिया है.